Saturday, 15 April 2006

अब आ रहा है वीडियो फोन का जमाना...

फोन बहुत ही लो प्रोफाइल चीज हो गई। अब इसका अगला विस्तार वीडियो फोन है। कई प्रमुख इलेक्ट्रानिक कंपनियां अब नए नए तरह के वीडियो फोन बनाने में जुटी हुई हैं। सभी प्रमुख दफ्तरों में अब मीटिंगे वीडियो कान्फ्रेंसिंग से हुआ करेंगी। कई जगह इसकी शुरूआत हो भी चुकी है। वहीं परंपरागत पीसीओ की जगह अब वीडियो कान्फ्रेंसिंग पीसीओ का जमाना आ रहा है। इसमें आप सामने वाले से आमने सामने बात कर सकेंगे। कई प्रयोगों के बाद अब इसके जगह जगह इंस्टालेशन प्रक्रिया चल रही है।

दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक उपकरणों की निर्माता जापान की कंपनी सोनी ने कई तरह के वीडियो कान्फ्रेंसिंग उपकरण पेश कर दिए हैं। आमतौर पर परंपरागत फोन कनेक्शन, कंप्यूटर और वेब कैमरा होने पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के तहत बात की जा सकती है। पर कंपनियों ने अब ऐसे उपकरण बनाने आरंभ कर दिए हैं। जिसमें फोन में ही एक एलसीडी स्क्रीन हो उसके साथ ही कैमरा लगा हो और आप डायल करने के साथ ही वार्ता शुरू कर दें। इसमें दूसरी पार्टी के पास भी अगर आपकी तरह ही फीचर फोन है तो आप उसकी बातें करते हुए उसे देख भी सकेंगे। ये मशीनें अपने घर में या पीसीओ में इस्तेमाल की जा सकती हैं। यहां तक ही टाटा इंडीकाम सीडीएमए टेक्नोलाजी पर ऐसी फोन सेवा आरंभ करने वाली है जिसमें फोन के साथ ही आप सामने वाले को देख भी सकेंगे। इसे तकनीकी तौर पर सफल बनाने के लिए मोबाइल सेवाओं के स्पेक्ट्रम में विस्तार करना होगा। इसलिए अब लगभग सभी मोबाइल सेवा कंपनियां अपनी सेवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुकूल बनाने के लिए स्पेक्ट्रम में विस्तार चाहती हैं।
फिलहाल सोनी ने चार से अधिक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माडल पेश किए हैं जिन्हें वर्तमान फोन से साथ जोड़कर इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। आमतौर पर इनमें 17 इंच का एलसीडी मानीटल लगा हुआ है। जिसमें सामने वाली तस्वीर बड़ी और सुस्पष्ट दिखाई देती है। इनकी कीमतें भी एक हाई परफारमेंस वाले लैपटाप के बराबर आ गई हैं। इसके साथ ही ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से दफ्तरों का समय भी बचता है। इसके उपयोक्ता कान्फ्रेंसिंग के दौरान पीसी के डाटा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसमें डाटा शेयरिंग माड्यूल का विकल्प मौजूद है। यहां तक की वीडियो कान्फ्रेंसिंग की मदद से कोई अधिकारी या नेता अपने लोगों को संबोधित कर सकता है। इसके लिए वीडियो आउटपुट को बड़े सफेद स्क्रीन पर प्रोजेक्ट करने की भी सुविधा मौजूद है। इसमें कार्यक्रम में बैठे लोग सवाल भी कर सकते हैं। यानी किसी व्यक्ति की आबासी पहुंच कहीं भी हो सकती है।
हालांकि अच्छी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए फोन की डाटा ट्रांसफर रेट अच्छी होनी चाहिए। कम से कम 256 केबीपीएस। यानी ब्राड बैंड कनेक्शन के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग बेहतर ढंग से संभव है। सोनी के ये वीडियो कान्फ्रेंसिंग माडल उन कंपनियों के लिए आदर्श हैं जिनके दफ्तर देश के अलग अलग शहरों में फैले हुए हैं। इससे विभिन्न शहरों में बैठे अधिकारी एक साथ बैठकें कर सकते हैं। आपको कोई अचरज नहीं होना चाहिए जब आपको जगह जगह वीडियो कान्फ्रेंसिंग पार्लर भी खुलते हुए मिलें। अभी रिलायंस के वेब वर्ल्ड में वीडियो कान्फ्रेंसिंकी सुविधा उपलब्ध है। धीरे-धीरे ऐसी सुविधा जगह जगह उपलब्ध हो सकेगी।

माधवी रंजना madhavi.ranjana@gmail.com




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