Saturday, 20 May 2006

कंप्यूटर की जगह ले लेंगे बड़े लैपटाप

कुछ सालों में कंप्यूटर बीते जमाने की चीच हो जाएगी। जब कंप्यूटर की कीमत पर लैपटाप उपलब्ध होगा तो भला क्यों कोई कंप्यूटर खरीदेगा। इतना ही नहीं लैपटाप में भी अब 15 इंच या 17 इंच के मोनीटर का नहीं बल्कि 19 या 20 इंच के विशाल एलसीडी मानीटर वाले लैपटाप का जमाना आ रहा है। सभी लैपटाप बनाने वाली कंपनियां इस तरह के लैपटाप को विकसित करने में लगी हैं।

आमतौर पर जब आप कंप्यूटर खरीदते हैं तो उसके कई अलग अलग हिस्से होते हैं। उसका सबसे भारी हिस्सा उसका मानीटर होता है। उसके बाद सीपीयू, की बोर्ड, माउस और स्पीकर यानी पांच हिस्से। अब लैपटाप में ये पांचों हिस्से एक ही जगह इंटीग्रेट हो जाते हैं। यानी जगह की बचत। कंप्यूटर को जब आप घर में या दफ्टर में किसी एक जगह स्थापित कर देते हैं तो उसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता है। अब हम उन कारणों पर नजर डालते हैं जिनके कारण लैपटाप लोकप्रिय हो रहे हैं।
पोर्टेबलिटी- लैपटाप को आसानी से कहीं भी उठा कर ले जाया जा सकता है। एक कमरे से दूसरे कमरे में। लान में. दफ्तर में कहीं भी। आप अपनी कार में भी इस पर काम कर सकते हैं। हवाई और रेल यात्रा के दौरान भी इसे लेकर चल सकते हैं।
जगह की बचत- कंप्यूटर जहां आपके टेबल पर काफी जगह ले लेता है वहीं लैपटाप को बस थोड़ी सी जगह चाहिए। इसे कहीं भी रखा जा सकता है। इसके लिए अलग से कोई कंप्यूटर टेबल बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
बैटरी बैकअप- कंप्यूटर के साथ कोई बैटरी बैकअप नहीं होता, जबकि लैपटाप को आप उसके बैटरी बैकअप से आराम से चार से छह घंटे चला सकते हैं। और अधिक देर तक चलाने के लिए आप चाहें तो बैटरी का दूसरा सेट भी लेकर रख सकते हैं।
आमतौर पर बाजार में अभी जो लैपटाप उपलब्ध हैं उनके स्क्रीन 15 इंच या 17 इंच के हैं। पर अब लैपटाप कंपनियां 19 इंच और 20 इंच के स्क्रीन वाले लैपटाप का निर्माण करने मे लगी हुई हैं। ये सुपरसाइज के लैपटाप नोटबुक के बजाए ब्रीफकेश ती तरह दिखाई देंगे। इसलिए इन्हें नोटबुक पीसी कहना जायज नहीं होगा। अब बाजार में 19 20 इंच के एलसीडी स्क्रीन प्रवेश कर रहे हैं उसके बाद उसी साइज के लैपटाप बनाने की भी कंपनियां प्रवृत हुई हैं। हालांकि उस युग में जहां मोबलिटी की बात की जाती है वहां छोटा बेहतर है का सिद्धांत चलता है ऐसे में अभी यह तय होना बाकी है कि लोग इन लैपटाप का कितना स्वागत करेंगे। उम्मीद की जाती है कि ऐसे लैपटाप उन लोगों में ज्यादा लोकप्रिय होंगे जो कंप्यूटर पर गेम खेलते हैं तथा जिन्हें सीमित मोबलिटी की जरूरत होती है। जैसे दफ्तर में ही अपने सिस्टम को कहीं ले जाना हो या घर में ही एक कोने से दूसरे कोने में ले जाना हो तो ऐसे में इस तरह के सुपर साइज लैपटाप लोकप्रिय हो सकते हैं। लैपटाप बनाने वाली कंपनी डेल और एसर 19 इंच के लैपटाप का निर्माण करने में जुटी हुई हैं। वहीं कोरियाई कंपनी सैमसंग ने भी मेगा लैपटाप बनाने की घोषणा कर दी है। एसर ने को ताइपेई में हाल में लगे कंप्यूटर शो में 20 इंच स्क्रीन वाला लैपटाप पेश कर दिया है। एसर के इस सिस्टम पर गेम और फिल्मों का बखूबी आनंद उठाया जा सकता है। इसकी खुदरा कीमत 2700 डालर (तकरीबन 1.30 लाख रुपए) रखी गई है। जबकि डेल 3500 डालर में व सैमसंग 5000 डालर में ऐसे ही माडल पेश कर रही है। देखते जाइए कीमतें तो गिर सकती हैं।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य


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