Thursday, 17 August 2006

सारा देश होता लोकल

हाल में टाटा इंडीकाम ने अपने सभी लैंडलाइन उपभोक्ताओं को देश भर में अपने नेटवर्क पर लोकल काल दरों पर बात करने की सुविधा दी है। यानी टाटा इंडीकाम का लैंडलाइन फोनधारी अब अपने पड़ोसी को फोन करे या फिर बेंगलूर मुंबई या अमृतसर कहीं भी वह 1.20 रुपए में तीन मिनट बातें कर सकेगा। इससे पहले महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) ने भी दिल्ली व मुंबई के बीच अपने नेटवर्क पर लोकल काल करने की सुविधा प्रदान कर दी है। अब उससे भी आगे बढ़कर एमटीएनल ने दिल्ली मुंबई के बीच अपने उपभोक्ताओं को लोकल काल की दर पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा भी प्रदान कर दी है। इतना ही नहीं एमटीएनएल ने घोषणा की है कि वह अपने उपभोक्ताओं को और भी कई सुविधाएं लोकल काल दरों पर देने की ठानी है। यानी उपभोक्ताओं की चांदी है।
वर्तमान में अगर आप कोई एसटीडी काल करते हैं तो आपको 2.40 रुपए प्रति मिनट की दर से भुगतान करना पड़ता है। जबकि लोकल काल के लिए दर महज 40 पैसे मिनट है। यानी लोकल काल की तुलना में एसटीडी छह गुना महंगी है। पर एमटीएनएल या टाटा इंडीकाम के नेटवर्क में एसटीडी काल अब उपभोक्ताओं को छह गुनी सस्ती पड़ रही है। वैसे एसटीडी करने वाले लोगों के इंडिया वन प्लान का विकल्प मौजूद है। इसमें 200 रुपए मासिक किराया के प्लान में महज 1 रुपए मिनट एसटीडी काल की जा सकती है। पर अब अधिकांश टेलीफोन आपरेटर अपने नेटवर्क पर पूरे देश को लोकल काल में परिवर्तित करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यानी आने वाले समय में ऐसा भी हो सकता है जब एसटीडी काल का कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा। हो सकता है टाटा और एमटीएनएल से प्रभावित होकर रिलायंस और अन्य कंपनियां भी इस तरह के प्लान आफर करें। अभी देश में सबसे बड़ा लैंडलाइन नेटवर्क भारत संचार निगम लि. का ही है। इसलिए उपभोक्ताओं को सही लाभ तभी हो सकेगा जब बीएसएनएल इस तरह की कोई घोषणा करता है।
पूरे देश में लोकल काल होने का फायदा उन कंपनियों को ज्यादा हो सकता है जिनका दफ्तरों का नेटवर्क देश भर में फैला हुआ हो। जैसे मान लिजिए किसी कंपनी का एक दप्तर अमृतसर में है दूसरा बेंगलूर में। अगर कंपनी के पास दोनों जगह टाटा का ही फोन है तो दफ्तर के लोग रोज लोकल काल दरों पर आपस में जम कर बातें कर सकते हैं वहीं फैक्स आदि का आदान प्रदान भी लोकल दरों पर ही कर सकते हैं।
कई कंपनियां धीरे धीरे ही सही पूरे देश को लोकल काल दर पर लाने की ओर बढ़ रही हैं।
आने वाले समय में मोबाइल फोन पर भी कंपनियां काल दरों में और भी गिरावट करने वाली हैं। अभी मोबाइल पर प्रति मिनट एसटीडी की दर आमतौर पर दो रुपए प्रति मिनट की है। वहीं लोकल काल की दरें 49 पैसे से लेकर एक रुपए प्रति मिनट तक अलग अलग रेंज में है। पर लैंडलाइन फोन पर घटती काल दरों का असर जल्द ही मोबइल सेक्टर में भी दिखाई देगा।
भारत संचार निगम लि. सहित सभी कंपनियां एसटीडी दरों में और गिरावट करने वाली हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है एसटीडी की अधिकतम दरें 60 से 70 पैसे प्रति मिनट पर सिमट कर रह जाएंगी। जाहिर है कि इसका फायदा आम लोगों को और गरीब लोगों को ज्यादा मिल सकेगा।
 -विद्युत प्रकाश vidyutp@gmail.com




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