Monday, 1 August 2005

समझदारी से करें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल


तेज दौड़ती भागती जिंदगी के बीच क्रेडिट कार्ड बड़े काम की चीज है। क्रेडिट कार्ड को आम भाषा में कहें तो यह आपकी उधार की खरीददारी का पावर है। पर इसका सही इस्तेमाल जरूरी है। अगर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए तो काम की चीज है। अगर थोड़ी लापरवाही हुई तो जी का जंजाल भी है। आमतौर पर जब आप क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं तो कंपनियां आपकी एक महीने की आमदनी के तीन गुना या उससे ज्यादा भी क्रेडिट कार्ड की सीमा बनाती हैं। अगर आपके पास एक बैंक का क्रेडिट कार्ड है तो दूसरे कई बैंक वाले भी आपका कार्ड बनाने को उतावले रहते हैं। पर कई कार्डों के भंवर फंस कर कई बार लोग अपने उपर ढेर सारा उधार कर लेते हैं। उसके बाद इस उधार को चुकाने के लिए मोटी राशि ब्याज के रुप में देते रहते हैं। इन सबसे बचने के लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों पर ध्यान दें तो कार्ड आपके लिए सुविधाजनक हो सकता है।

अपनी लिमिट में रहें - भले ही आपके क्रेडिट कार्ड की सीमा कितनी भी ज्यादा हो पर हर महीने खरीददारी उतनी ही करें जिसे आप अगले माह में चुका सकें। इससे आपको क्रेडिट कार्ड कंपनी के भारी भरकम ब्याज चुकाने से राहत मिल सकती है। आमतौर पर क्रेडिट कार्ड आपकी परचेजिंग पावर को बढ़ा देता है। ऐसे में आप कई बार ऐसी खरीददारी भी कर लेते हैं जिसकी आपको जरूरत नहीं होती। पर बाद में आपको उसका बिल तो भरना ही पड़ता है। इसलिए कार्ड का इस्तेमाल करने से पहले एक बार सोच लें कि जो चीजें आप खरीद रहे हैं उसकी आपको जरूरत है भी या नहीं। यानी क्रेडिट कार्ड के जाल में फंस कर फिजुलखर्ची को बढ़ावा न दें। 

क्रेडिट साइकिल का ध्यान रखें- हर क्रेडिट कार्ड कंपनी आमतौर पर 45 से 50 दिनों का फ्री क्रेडिट लिमिट देती है। इसको अच्छी तरह से समझना जरूरी है। दरअसल हर क्रेडिट कार्ड कंपनी यह सब कुछ एक साइकिल के तहत करती है। जैसे किसी बैंक की साइकिल 10 तारीख से 30 तारीख तक है। इसका मतलब है कि 11 तारीख को की गई खरीददारी का भुगतान अगर आपक अगले महीने की 30 तारीख तक कर देते हैं तो आपको कोई ब्याज या फाइन नहीं देना होगा। पर जैसे आप 11 के बाद आगे की तारीखों में बढ़ते हैं तो आपकी 50 दिनों की लिमिट कम होती जाती है। जैसे आपने 20 तारीख को खरीददारी की तो आपको 40 दिन की ही फ्री लिमिट मिल रही है। अगर आप 9 तारीख को खरीददारी करते हैं तो महज 21 दिन की लिमिट मिल रही है। इसलिए अगर क्रेडिट लिमिट साइकिल अवधि नजदीक हो तो कोई बड़ी खरीददारी नहीं करने में समझदारी है। जैसे आपको एक फ्रीज खऱीदना है। आप अगर 10 तारीख को यह फ्रीज खरीद लेते हैं तो उसका भुगतान उसी महीने की 30 तारीख को यानी 20 दिन बाद ही करना होगा। अगर आप एक दिन रूक जाते हैं तो आपको 50 दिनों का फ्री पीरियड मिल जाता है। 

इसके के फायदे भी - अगर देखा जाए तो यह 50 दिन का फ्री पिरियड बहुत लाभ का है। मान लिजिए आप 10 हजार रूपए का कोई सामान खरीदते हैं और आपको उसके पैसे 50 दिन बाद देने हैं तो ये 50 दिन आप बिना ब्याज चुकाए ही सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए हर महंगी चीज जो आप किसी ब्रांडेड स्टोर से खरीदते हैं आमतौर पर क्रेडिट कार्ड से ही खरीदना चाहिए। सिर्फ उन छोटे दुकानों पर जहां क्रेडिट कार्ड लागू नहीं होता वहां आप नकद खरीदें बाकी सभी स्थानों पर कार्ड का ही इस्तेमाल करें तो अच्छा। 

सब कुछ खरीदें कार्ड से - जब आप क्रेडिट कार्ड से कोई सामान खऱीदते हैं तो इस खरीददारी पर कुछ प्वाइंट्स मिलते हैं। इन प्वाइंट्स को आप बाद में कैश करा सकते हैं या फिर इसके बदले में कोई गिफ्ट हैंपर प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए सभी बड़ी खरीददारियां आप कार्ड से ही करें तो अच्छा है। हां अगर दुकानदार नकद खऱीदे जाने पर किसी तरह की डिस्काउंट देने की बात करता हो तो आप इस पर बारगेन कर सकते हैं।
दो कार्ड रखें-  क्रेडिट कार्ड साइकिल का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए आप दो कंपनियों का कार्ड रख सकते हैं। यह ध्यान रखें की दोनों की खरीद की साइकिल अलग अलग हो। जब खरीददारी करने निकलें तो इस बात का ध्यान रखें कि किस कंपनी का साइकिल देर से खत्म होने वाला है। फिर उसी कंपनी के कार्ड का उस दिन इस्तेमाल करें। 

बिल पर रखें नजर - क्रेडिट कार्ड की हर चार्ज स्लिप को संभाल कर रखें। जब कार्ड का बिल आ जाए तो अपनी खरीददारी से उसका मिलान कर लें। यह देख लें कि बैंक ने सही बिल भेजा है और आपके पिछले भुगतान को एडजस्ट कर दिया गया है। कई बार बैंक बिल में गड़बड़ी कर देते हैं, इसलिए इस मामले में सावधानी जरूरी है।
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(CREDIT CARD, BANK, BILLING CYCLE )