Tuesday, 16 March 2010

मसूरी में जूनियर तेंदुलकर


जूनियर तेंदुलकर यानी अर्जुन आजकल पहाड़ों की हसीन वादियों के बीच बल्ले पर जोर आजमाइश कर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर इन दिनों आईपीएल का मैच खेलने में व्यस्त हैं लेकिन उनकी पत्नी अंजलि और उनके बेटे पहाड़ों की हसीन वादियों में छुट्टियां मनाने के लिए पहुंच गए है। हालांकि मसूरी सचिन तेंदुलकर की फेवरिट जगह है।
सचिन अक्सर छुट्टियां मनाने के लिए मसूरी का रूख करते हैं लेकिन इस बार सचिन मसूरी नहीं आ सके हैं, क्योंकि वे आईपीएल सीजन थ्री में व्यस्त हैं। तो क्या हुआ जूनियर सचिन अपनी स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद पहुंच गए हैं मुंबई का कोलाहल छोड़कर मसूरी। पापा की तरह अर्जुन को भी मसूरी बहुत पसंद है। मसूरी के बच्चों को संग क्रिकेट खेलते हुए मसूरी उन सारे टिप्पस को शेयर कर रहे हैं जो उन्होंने अपने पापा से सीखा है। मसूरी के बच्चे भी जूनियर तेंदुलकर के संग गली क्रिकेट खेलकर खुद को धन्य मान रहे हैं।
दिन भर अर्जुन और उनकी मां अंजलि मसूरी की सड़कों पर घूमने और खाने पीने का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि लगता है कि मन में इस बात की कसक जरूर है कि पापा सचिन भी साथ होते तो छुट्टियां मनाने का मजा कुछ और होता।

Monday, 8 March 2010

कृपालु बाबा की जय...

सचमुच जिंदगी और मौत को भगवान के हाथ में ही होती है। इसलिए यूपी के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के आश्रम में जिन लोगों की मौत हुई उसमें कृपालु महाराज का कोई दोष नहीं है। क्योंकि जो लोग अचानक मची भगदड़ में काल के गाल में समा गए उन्हें भगवान ने जल्दी अपने पास बुला लिया। भला इसमें कृपालु महाराज का दोष…वे तो वैसे भी इंसान को भगवान से मिलाने का काम जीवन भर करते आए हैं। लेकिन मैं कहता हूं कि भगवान किसी को इतनी गरीबी भी मत देना जितनी की कुंडा में कृपालु महाराज के आश्रम में जुटी भीड़ में जुटे लोगों को दे रखी थी। सुना है कि वे सभी लोग महज 20 रूपये, चार लड्डू और एक थाली ग्लास के लिए वहां जुट गए थे। हम क्या करें हिंदुस्तान के कई इलाकों में इतनी गरीबी है कि लोग दो मुट्ठी चावल के लिए दौड़ पड़ते हैं। खैर दुर्घटना के बाद कृपालु महाराज ने बहुत कृपा बरसाई है। उन्होने भंडारे का आयोजन और गरीबों को रूपये बांटने का सिलसिला जारी रखा है। लगता है महाराज के पास अनाज का भंडार और रूपये की कोई कमी नहीं है। मुझे तो लगता है कि देश भर के स्कूलों में चलाए जाने वाले मिड डे मील का ठेगा कृपालु महाराज को ही दे देना चाहिए।