Sunday, 17 April 2011

हर खरीददारी के लिए खुले ब्रांडेड स्टोर

देश के सबसे बड़े चिकेन उत्पादक रामी रेड्डी की हैदराबाद शहर में हर कोने में चिकेन की ब्रांडेड दुकाने हैं। वहां आप चिकेन खरीदने जाते हैं तो परंपरागत बाजार की तरह कोई बदबू नहीं आती। सीसे के बने सुंदर और भव्य स्टोर से आप 250 ग्राम चिकेन भी खरीद सकते हैं। अन्य जगहों की तुलना में सस्ता और ताजा चिकेन यहां उपलब्ध है। स्टोर सबसे सुस्वादु चिकेन का भी दावा करता है। सिर्फ हैदराबाद शहर में ही उनकी वेनकाब और स्नेहा नाम से 80 से ज्यादा चिकेन स्टोर हैं। इनमें से ज्यादातर कंपनी के स्टोर हैं वहीं कुछ फ्रेंचाइजी भी हैं। यहां इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन और बिलिंग के लिए कंप्यूटर भी उपलब्ध हैं। किसी जमाने मे चिकेन का कारोबार जहां असंगठित तौर पर चलता था वह भी ब्रांडेड चेन सिस्टम में चल रहा है। इससे भले छोटे छोटे चिकेन उत्पादकों के कारोबार को धक्का लगा है। दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि चिकेन के कारोबार में बड़ी मछली का साम्राज्य कायम हो चुका है और छोटी मछलियों की अब खैर नहीं। लगभग सभी क्षेत्र में आने वाले दिनों में कुछ ऐसा ही दिखाई देने वाला है। हो सकता है आने वाले कुछ दिनों में सिर्फ हैदराबाद ही नहीं बल्कि देश के अन्य हिस्सों में ही इसी तरह की ब्रांडिंग देखने को मिले।

दवा में भी ब्रांड - दवा के क्षेत्र में हम ओपोलो फार्मेसी का उदाहरण ले सकते हैं। ओपोलो ने हास्पीटल के बाद अब दवा बिक्री के क्षेत्र में कदम रख दिए हैं। ओपोलो फार्मेसी के दवा दुकानों की सबसे पहली विशेषता यह है कि ये 24 घंटे खुली रहती हैं। यानी आप किसी भी समय यहां आप दवाएं खरीद सकते हैं। अपनी ही दुकान से दवा खरीदने को प्रेरित करने के लिए ओपोलो फार्मेसी ने सदस्यता कार्ड की व्यवस्था की है। इसके तहत साल में छह हजार रुपए तक की दवा खरीदने वालों को 500 रुपए के डिस्काउंट की व्यवस्था है। ओपोलो ने हैदराबाद शहर में 24 घंटे खुली रहने वाली करीब 50 फार्मेसियां खोल दी हैं। वहीं अब इसी तरह की ब्रांडेड दवा की दुकाने और भी कंपनियां खोलने लगी हैं। सभी कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को लायल्टी प्वाइंट दे रही हैं। वहीं औषधि नामक दवा की दुकानों की चेन सिनियर सिटिजन को दवा खरीदने पर डिस्काउंट देती है। यानी सारी कवायद इस बात को लेकर हो रही है कि ग्राहकों का जो वर्ग हो वह समान्य दुकानों से अलग हटकर सारी खरीददारी अब ब्रांडेड दुकानों से ही करे। हालांकि इसके अपने फायदे भी हैं। इन दुकानों मे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही आप एक नेटवर्क के सदस्य होकर दवा या अन्य सामान कहीं से भी खरीद सकते हैं। इसके साथ ही ऐसी दुकानों से खरीदी गई दवा के नकली या एक्सापाइरी डेट होने की संभावना काफी कम हो जाती है। यह रिपोर्ट बार बार आती रही है कि असंगठित क्षेत्र की दवा की दुकानों में भारी मात्रा में नकली दवाओं के मिलने की संभावना भी जताई गई है।

अन्य क्षेत्रों में भी - ब्रांडिंग का यह दौर सिर्फ चिकेन या दवा कंपनियों में ही नहीं बल्कि जूतों व अन्य सामनों में भी देखने को मिल रहा है। इन सभी कंपनियों को आईटी क्रांति का लाभ मिला है क्योंकि ऐसे ब्रांडेड नेटवर्क अपनी चेन की सभी स्टोरों को रोज की बिक्री और स्टाक का लेखाजोखा एक जगह बैठे रहकर केंद्रीयकृत नेटवर्क के जरिए ही देख सकते हैं। कुछ पुराने बड़े व्यवसायियों ने बड़े शहरों में अपने ब्रांड बनाने की शुरूआत कर दी है। जैसे दिल्ली में ज्वेलरी में पीपी ज्वेलर्स ने कई शोरूम खोल लिए हैं। वहीं कपड़ों और मिठाइयों के शो रूम वाले भी कई बड़े शहरों में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।