Saturday, 15 September 2012

दिल्ली का मतलब लाल किला


लालकिला यानी सदियों से इतिहास के पन्नों में कई तरह के उतार चढाव का साक्षी। यमुना नदी के किनारे बना ये किला तभी दिखाई देता है जब आपकी ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने वाली होती है। अगर कोई दिल्ली घूमने आता है तो वह लाल किला जरूर जाता है। दिल्ली का मतलब ही लाल किला है। हमारी आजादी का प्रतीक। तभी तो देश आजाद होने पर लाल किले पर तिरंगा फहराया गया था। आज भी हर 15 अगस्त को लालकिले के प्राचीर से प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। सालों भर हर रोज लाल किले में सैलानियों की भीड़ देखने को मिलती है। लाल किले में प्रवेश के लिए आजकल आठ रुपये का टिकट है। बच्चों के लिए पांच रुपये का। किले के अंदर एक संग्रहालय है उसका टिकट अलग से है।

आप पूरा देश घूम कर लौटे हैं तो भी लालकिले को देखना पूरे देश को देखने जैसा है। लाल किला के अंदर एक छोटा सा मीनाबाजार है। यहां देश के कोने कोने की बनी चीजें मिलती हैं। अंदर जाने पर आपको मुगल बादशाहों की शाही जीवन शैली के बारे में पता चलता है। लालकिले के बगल में सलीमगढ़ का किला भी है जिसे शेरशाह के बेटे शहजादा सलीम ने बनवाया था। लालकिला और किला सलीमगढ़ कभी आजादी के दीवानों के लिए जेल खाना भी बने थे। पर अब ये हमारी आजादी के प्रतीक चिन्ह हैं।  
हर शाम को सात बजे से लालकिला में लाइट एंड साउंड शो होता है जिसमें इतिहास को ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से सुनाया जाता है। इसमें शामिल होना एक अलग किस्म की अनुभूति है। 

लाल किला के ठीक सामने चांदनी चौक के एक कोने पर है अति प्राचीन गौरी शंकर मंदिर। तो लाल किले के बाहर से आपके दिल्ली से दूर कहीं भी जाने के लिए टूरिस्ट बसें मिल जाएंगी। पूरी दिल्ली भले ही बदल रही हो लेकिन लाल किले के आसपास अभी पुरानी दिल्ली खूशबू आती है।  
-   - विद्युत प्रकाश