Wednesday, 16 November 2016

नोटबंदी से रोज बढ़ रहा मौत का आंकडा जिम्मेवार कौन

अपनी ही कमाई के चंद कागज के टुकड़ों को बदलने में हो रही देरी से लोगों की मौत का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। ये मरने वाले लोग किसी अकाल, बाढ़, सड़क हादसे या युद्ध में नहीं मारे जा रहे हैं। ये तो परेशान हैं क्योंकि उनके ही कमाये हुए रुपये अब बेकार हो चुके हैं, जिस पर लिखा होता था कि मैं धारक को 500 रुपये अदा करने का वचन देता हूं। पर अब इस वचन की डेडलाइन तय हो गई है। पर इंसान की जरूरतें हैं कि मुंह बाए खड़ी हैं और वे हसरत भरी निगाहों से लाइन में। 
किसी को बिटिया के हाथ पीले करने हैं तो किसी को अपने नौनिहालों के लिए दवा खरीदनी है। पर बैंक की लाइन में खड़े खड़े बारी नहीं आने पर जिंदगी में निराशा आ रही है। किसी को दिल का दौरा पड़ रहा है तो कोई आत्मघाती कदम उठा रहा है। नोटबंदी का ऐलान 8 नवंबर की रात में हुआ। नोट बदलवाने की लाइन 10 नवंबर से शुरू हुई। पर 16 नवंबर तक सात दिनों में ही देश के अलग अलग हिस्सों में अब तक 40 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ये जान गंवाने वाले ऐसे लोग हैं जिनके पास काली कमाई नहीं थी, बल्कि खून पसीना बहाकर संचित की गई कमाई थी। क्या इस तरह की मौत ही उनकी नियती थी। या इसके लिए कोई जिम्मेवार है। टीवी की बहस मेंकुछ नेता इसे छोटी मोटी घटना मान रहे हैं। क्या यह संवेदनहीनता मामला नहीं है।

सारा देश रो रहा है...

16 नवंबर मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में बैंक में रुपए एक्सचेंज करने के लिए कतार में खड़े एक शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई. मध्यप्रदेश में नोटबंदी से जुड़ा मौत का यह चौथा मामला है। इसी दिन मुंबई के भायंदर में, यूपी के बरेली और बलिया में, बिहार के गया में बैंक की लाइन में लगे लोगों की मौत हुई।
अब कुछ और पिछले मामले देखिए। 15 नवंबर  को बुलंदशहर में नोटबंदी के कारण 12वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दी. 

बिहार में औरंगाबाद के दाउदनगर पैसे निकालने गए रिटायर्ड फौजी की मौत
हो गई।  मेरठ में बिहार के दरगंभा निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद अजीज की नोट नहीं बदलने के सदमे में बैंक की लाइन में लगने के दौरान मौत हो गई। बैंक ने बिहार की आईडी पर रुपये बदलने से इनकार किया था। हैदराबाद में कतार में खड़े एक बुजुर्ग की मौत हो गई। एक सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक की मरेर्डपल्ली शाखा में डेढ़ लाख रुपये जमा करने अकेले आए सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी लक्ष्मण राव की बैंक के प्रवेश द्वार पर मृत्यु हो गई।

14 नवंबर 2016 को सीवान में गर्भवती की मौत हो गई क्योंकि इलाज के लिए सौ सौ के नोट नहीं थे। मोतिहारी में बैंक में पैसा निकालने आए अधेड़ की हार्ट अटैक से मौत हुई। दरभंगा में रुपये जमा करने के दौरान बेहोश अधेड़ की मौत हो गई। आगरा में एक नवजात की मौत हो गई, पिता जेब में पुराने रुपये रहते हुए  बेटी को दिल्ली ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम नहीं कर सका।


...और भी हैं पिछले मामले

1 मुंबई में एक नवजात शिशु की मौत हो गई क्योंकि प्राइवेट अस्पताल वालों ने उसे एडमिट नहीं किया। उस बच्चे के पिता के पास हजार-हजार के नोट थे और अस्पताल वोलों ने उसे लेने से इंकार कर दिया, जिसके कारण नवजात की मौके पर मौत हो गई।
2. दिल्ली में उत्तर-पूर्व की एक 24 वर्षीय महिला ने दुपट्टे गले में डालकर खुद को सीलिंग फैन से लटका लिया। वह तीन दिन से पैसों के लिए दर-दर भटक रही थी। जब पैसा नहीं मिल पाया तो उसने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
3. राजस्थान के पाली ज़िले के रहने वाले चंपालाल मेघवाल के नवजात बच्चे को एंबुलेंस ने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया, क्योंकि उनके पास 500 और 1000 के पुराने नोट थे। जब चंपालाल 100-100 के नोट लाए तब तक उनके बच्चे की मौत हो चुकी थी।
4. गुजरात के सूरत जिला में एक 50 वर्षीय मां और उसके बच्चों ने आत्महत्या कर ली। क्योंकि पास खाने को राशन नहीं था और दुकानदारों ने पुराने नोटों लेने से इंकार कर दिया।
5. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सरकार के नोटबंदी फरमान से एक बुज़ुर्ग महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
6. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में एक 20 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली। उसका भाई जब पुराने नोट बदलकर घर लौटा तो  बहन को पंखे लटका हुआ पाया।
7. हैदराबाद में एक मां ने अपनी बेटी की शादी के लिए कुछ ही दिन पहले ही ज़मीन बेचकर नकदी 54 लाख रुपये जुटाए थे लेकिन नोटबंदी की खबर आने के बाद और नोट न बदवा पाने से परेशान होकर मां ने जान दे दी।
8. कर्नाटका में एक 40 वर्षीय महिला ने सुसाइड कर लिया, क्योंकि 15 हजार रुपये लेकर बैंक बदलवाने गई और उसका पैस चोरी हो गया।
9. पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक पति ने अपनी पत्नी की जान सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि वह एटीएम से नए नोट निकालने में नाकाम हो गई।
10. छत्तीसगढ़ में 45 साल के एक किसान ने आत्महत्या कर लिया, क्योंकि तीन दिनों तक बैंकों का चक्कर लगाने के बाद भी उसका 3,000 रूपया नहीं बदला जा सका।
11. बिहार के कैमूर में एक पिता के बेटी की शादी थी। उसे इस बात का डर था कि दहेज में बेटी के ससुराल वाले पुराने नोट लेगें। इसी चिंता में दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई।
12. गुजरात के लिम्बडी शहर में, एक 69 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। वो बैंक ऑफ इंडिया शाखा की साखा में नोट चेंज करने के लिए खड़े थे और दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई।
13. कानपुर में एक बुजुर्ग महिला नोटबंदी के बाद अपने पैसे को गिन रही थी, इसी दौरान दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई।
14. केरल के थलासेरी के रहने वाले बिजली विभाग के एक कर्मचारी का सीढ़ी से फिसलकर मौत हो गई जब वो पुराने नोट बदलने के लिए बैंक का चक्कर लगा रहा।
15. विशाखापत्तनम में एक 18 महीने बच्चे की मौत हो गई, क्योंकि उसके माता-पिता के पास दवा खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। अस्पताल वालों ने 500 और हजार पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया।
 16. कानपुर में एक व्यक्ति को 8 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ा जब वह प्रधानमंत्री को टीवी पर नोटबंदी का घोषणा करते सुना। दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। कुछ ही दिनों पहले उसने अपनी जमीन के ग्राहकों से 70 लाख रूपये एडवांस लिए थेा
17. यूपी के मैनपुरी में डॉक्टरों ने एक साल के बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया। बच्चे को तेज बुखार था और माता-पिता के पास 100 रुपये में नोट नहीं थे फीस जमा करने के लिए। मजबूरन माता-पिता उसे लेकर घर गए जहां बच्चे मौत हो गई।
18. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक कपड़ा धोने वाली महिला की मौत हो गई। वह बैंक में अपने एक-एक हजार के दो नोटों को लेकर जमा करने गई थी। जब बैंक वालों की तरफ से बताया गया कि यह रुपया अब नहीं चलेगा तो सदमे में उसकी मौत हो गई।
20. तेलंगाना के महुबाबाद जिले के रहने वाले 55 वर्षीय कंदुकूरी विनोदा नाम की महिला की तब मौत हो गई जब उन्हें पता चला की अब पुराने नोट नहीं चलेंगे। उन्होंने 54 लाख रुपये जमीन बेचकर जमा किए थे।
21. केरल के थालास्सेरी में एक 45 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। वो नोटबंदी के बाद अपने 5 लाख रुपये जमा करने के लिए जमा करने के लिए गया था।
22. मुंबई में 72 साल के एक वृद्ध विश्वास वर्तक की मौत बैंक में पुराने नोटों को जमा करने के दौरान हो गई।
23. गुजरात के तारापुर में एक 47 वर्षीय किसान की मौत बैंक में पुराने नोटों का आदान-प्रदान करने के दौरान मौत हो गई। वो अपनी बारी आने के इंतजार में लाइन में खड़े थें और दिल का दौरा पड़ा और निधन हो गया।

24. केरल के अलाप्पुझा में एक 75 वर्षीय कार्तिकेयन की मौत बैंक लाइन में खड़ा रहने के दौरान हो गई।
25. कर्नाटक के उडुपी में एक 96 वर्ष के एक व्यक्ति की मौत बैंक की कतार में खड़े होने दौरान हो गई। उनका बैंक खाता नहीं था।
26. मध्य प्रदेश में एक 69 वर्षीय एक व्यक्ति विनय कुमार पांडेय की मौत हो गई। वे एक सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मचारी थे और रूपये चेंज करने बैंक गए थे, जहां एक कतार में उनकी मृत्यु हो गई।
27. भोपाल में स्टेट बैंक के एक कैशिअर की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई। बैंक कर्मचारियों पर सरकार की तरफ से अतिरिक्त घंटे लगाने और बड़े कतारों को उन्होंने देखा जिससे उन्हे दौरा पड़ा।
28. उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक व्यापारी ने प्रधानमंत्री को 8 नवंबर को नोटबंद करने की घोषणा करते हुए सुना। सीने में दर्द महसूस हुआ और डॉक्टर के पास ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

(NOTE BAN, DEATH, MONEY ) 

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