Friday, 1 June 2007

अब दिल्ली से मुंबई लोकल

एक जून करोड़ों लोगो के लिए सौगात लेकर आया। अब आप दिल्ली से मुंबई लोकल दरों पर बातें कर सकते हैं। ठीक उसी तरह जैसे पड़ोस में बातें करते हैं। यानी 1.20 रुपए में तीन मिनट की काल। ऐसा एमटीएनएल की नई काल दर के कारण संभव हो पाया है। हालांकि दिल्ली से मुंबई की दूरी दो हजार किलोमीटर है। फिर भी दोनों शहरों के बीच अब लोकल काल करने की सुविधा बहाल हो गई है। यह दूर संचार के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम है। एसटीडी में सस्ती काल दरें एनएलडी ( नेशनल लांग डिस्टेंस) में भी कई खिलाड़ियों के आने के बाद संभव हो सका है। पहले इस क्षेत्र में सिर्फ भारत संचार निगम लि. का एकाधिकार था। इस बार एमटीएनएल ने दिल्ली से मुंबई काल भेजने के लिए विदेश संचार निगम लि. (वीएसएनएल) को कैरियर के रुप में चुना है जो टाटा के स्वामित्व वाली कंपनी है। अब हर टेलकाम आपरेटर को अधिकार है कि वह एसटीडी या आईएसडी कालों के लिए किसी भी कंपनी को कैरियर के रुप में चुने। इसका लाभ ग्राहकों को मिलने वाला है। सिर्फ मुंबई ही नहीं दिल्ली व मुंबई में काम कर रही महानगर टेलीफोन निगम लि. बाकी बचे देश के लिए भी एसटीडी काल की दरें कम करने वाली है। इसके लिए भी उसने कई कंपनियों से आफर मांगे हैं। उम्मीद की जाती है इसके बाद लोगों को 40 पैसे से 70 पैसे प्रति मिनट तक मात्र एसटीडी दर के रुप में चुकाना होगा। वास्तव में दरों में रेशनेलाइजेशन भी होना चाहिए। अभी दिल्ली से मुंबई 40 पैसे मिनट की दर लागू हो चुकी है। जबकि दिल्ली से मुंबई की दूरी 2000 किलोमीटर है। ऐसी स्थिति में बिहार और बंगाल के लोगों ने कौन सा अपराध किया है कि उन्हें कम दूरी के बावजूद 2.40 रुपए प्रति मिनट की दर चुकाना पड़े। अब अगर एमटीएनएल अपनी एसटीडी काल दरें गिराता है तो दूसरी कंपनियों के लिए चुनौती होगी। क्योंकि दिल्ली मुंबई से जाने वाली काल तो सस्ती हो जाएगी जबकि उधर से आने वाली काल महंगी ही रहेगी। ऐसी स्थिति में एक अराजकता का महौल बन जाएगा। जाहिर है बीएसएनएल सहित बाकी कंपनियों को भी अपनी एसटीडी काल दरें कम करनी ही पड़ेंगी।
बीएसएनएल ने जो इंडिया वन का पैकेज पेश किया है उसमें एक राष्ट्रीय काल एक रुपये में एक मिनट की अवश्य पड़ती है पर उसके लिए भारी भरकम मासिक किराया भी चुकाना पड़ता है। हालांकि इसी तरह का पैकेज हर कंपनी ने पेश किया है। पर अब दौर वास्तव में एसटीडी में काल दरें गिरने का आ रहा है। अभी मोबाइल पर देश व्यापी काल की दरें 2 रुपए मिनट के पास है। पर अब हम ऐसे दौर की कल्पना कर सकते हैं जो जब एसटीडी और लोकल काल की दरों मे कोई खास अंतर नहीं रह जाएगा यानी जैसा दिल्ली व मुंबई के बीच हुआ है वैसा कुछ सारे देश में हो सकेगा। ऐसी हालात में वास्तव में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोग एक दर पर बातें कर सकेंगे।
फिलहाल सभी कंपनियां अपने नेटवर्क पर ग्राहकों को कम दर पर काल करने की सुविधा दे रही हैं। अभी तुलनात्मक रुप से टेलकाम सेक्टर में सबसे देर से प्रवेश करने वाली कंपनी टाटा सबसे कम दर पर काल करने की सुविधा दे रही है। आने वाले कुछ महीनों में टाटा एसटीडी काल दरों में कुछ और धमाका करने वाली है। बस देखते रहिए आगे आगे होता है क्या क्या।

-माधवी रंजना madhavi.ranjana@gmail.com



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