Thursday, 31 October 2013

हिंदी टाइपिंग के लिए इनस्क्रिप्ट की बोर्ड ही सीखें


जो लोग पहली बार हिंदी में टाइप करना सीखना चाहते हैं उन्हें इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड ही सीखना चाहिए। वैसे हिंदी में कई तरह के कीबोर्ड प्रचलित हैं। इसलिए भ्रम की स्थिति बनती है। लेकिन इनसब में इनस्क्रिप्ट सबसे आसान कीबोर्ड है। इसे महज दो घंटे के अभ्यास में सीखा जा सकता है।

इनस्क्रिप्ट के लाभ-
-    हिंदी में सबसे वैज्ञानिक कीबोर्ड है।
-    भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मान्यताप्राप्त की बोर्ड
-    विंडो, लाइनेक्स, मैक पीसी सभी प्लेटफार्म पर सहजता से उपलब्ध।
-    किसी भी कंप्यूटर में सक्रिय करना आसान अलग से कीबोर्ड इंजन या ड्राइवर की कोई जरूरत नहीं पड़ती।
-    एंड्राएड मोबाइल फोन में भी उपलब्ध
-    अगर आपको इनस्क्रिप्ट में हिंदी टाइपिंग आती है तो दूसरी भारतीय भाषाओं (पंजाबी व अन्य ) में बिना फिर से नया कीबोर्ड सीखे ही टाइप कर सकते हैं।

-    हिंदी में उपलब्ध रेमिंगटन, लिंग्विस्टक, लाइनोटाइप, ट्रांसलिटरिएट या फोनेटिक जैसे किसी भी की बोर्ड की तुलना में इनस्क्रिप्ट सीखना आसान है।


-    जो पुराने लोग रेमिंगटन या किसी अन्य तरीके से टाइप करते हैं वे भी इनस्क्रिप्ट पर खुद को शिफ्ट करें तो उन्हें लाभ मिलेगा। वे बिना झंझट दुनिया के किसी भी पीसी या मोबाइल पर हिंदी में टाइप कर पाएंगे। 
ऐसा होता है इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट-

Tuesday, 29 October 2013

विंडो 7 में से लैस पीसी में हिंदी टाइपिंग आसान


विंडो से लैस कंप्यूटरों में हिंदी टाइपिंग अब आसान हो गई है। इसमें आपको सिर्फ हिंदी भाषा सक्रिय भर करनी है। यह तीन मिनट का छोटा सा यज्ञ है।

जो लोग विंडो विंडो-का इस्तेमाल कर रहे हैं  वो--- स्टार्ट-- 

- कंट्रोल पैनल ( या माई कंप्यूटर कंट्रोल पैनल ) में पहुंचे
 --- रिजनल एंड लैंग्वेज चुने
---- की बोर्ड एंड लैंगवेज को क्लिक करें
--- चेंज की बोर्ड बटन दबाएं
--- अब एड बटन दबाएं
--- एड इनपुट लैंगवेज का विकल्प दिखाई देगा
---ड्राप डाउन लिस्ट से हिंदी भाषा चुनें....
हिंदी को क्लिक करने पर कई तरह के कीबोर्ड के विकल्प दिखाई देंगे
- आप इनस्क्रिप्ट हिंदी को चेक कर दें...
--- ओके बटन दबाएं
अब बाहर आ जाएं


 ऐसा करते ही कंप्यूटर के सबसे नीचे वाली पट्टी पर (टास्क- बार पर) EN दिखाई देने ने लगेगा और क्लिक करने पर हिंदी का विकल्प भी मिलेगा। यह काम केवल सबसे पहली बार ही करना है। अब पहले वर्ड फाईल खोलकर फिर हिन्दी का ऑप्शन लाएं और कोई भी की दबाएं तो तो हिंदी अक्षर मिलेंगे। इस प्रकार अब अपने कंप्यूटर में नोटपैड,  वर्डपैड,  जीमेल, याहू मेल या फेसबुक ट्विटर कहीं भी सीधे इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड से हिंदी में टाइप कर सकते हैं। 

इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड ले आउट

Sunday, 27 October 2013

विंडोज कंप्यूटर में हिंदी सपोर्ट

अगर आप विंडोज कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसमें हिंदी भाषा में टाइपिंग सक्रिय करने के लिए माइक्रोसाफ्ट की साइट भाषा इंडिया डाट काम की मदद ले सकते हैं। यहां से आप अपने सिस्टम की जरुरत के मुताबिक डाउनलोड कर सकते हैं। वैसे तो विंडो एक्सपी और विंडो 7 में हिंदी भाषा को कंट्रोल पैनल में जाकर सक्रिय किया जा सकता है, यहां इनस्क्रिप्ट की बोर्ड सक्रिय हो जाता है। पर जो लोग रेमिंगटन या किसी अन्य की बोर्ड से टाइपिंग जानते हैं उनके लिए भाषा इंडिया से डाउनलोड करना विकल्प है।
डाउनलोड के लिए सीधे इस लिंक पर भी जा सकते हैं-
http://www.bhashaindia.com/Downloads/Pages/home.aspx

डाउनलोड करने से पहले ये चेक कर लें कि आपके कंप्यूटर में विंडो का कौन सा वर्जन है और आपका कंप्यूटर कितने बिट का है। वर्जन जानने के लिए  विंडो और पेज ब्रेक बटन दबाएं। या फिर कंट्रोल पैनल में जाकर सिस्टम की जानकारी प्राप्त करें।

HOW TO KNOW BIT of window XP system
Click Start, click Run, type sysdm.cpl, and then click OK.
Click the General tab. The operating system appears as follows:
- For a 64-bit version operating system: Microsoft Windows XP Professional x64 Edition Version appears under System.


- For a 32-bit version operating system: Microsoft Windows XP Professional Version appears under System.

कौन सा वर्जन करें डाउनलोड-

इंडिक इनपुट 1- • 32-bit version of Windows 2000 or Windows XP or Windows Server 2003.

इंडिक इनपुट 2 - 32-bit version of Windows Vista or Windows 7 or Windows Server 2008
• 64-bit version of Windows XP or Windows Vista or Windows 7 or Windows Server 2003 or Windows Server 2008

control panel- all control panel items- systems
यहां से हिंदी इंडिक इनपुट डाउनलोड हो जाएगा। इसे एक्सट्रैक्ट करें। इसके बाद इसका सेटअप चला दें। ये आपके सिस्टम में इंस्टाल हो जाएगा।
कंप्यूटर रिस्टार्ट करें। इसके बाद आपके सिस्टम में स्टार्ट बटन वाले पैनल में इसका आइकोन आ जाएगा। आप अपनी पसंद के कीबोर्ड का चयन कर बड़ी सुगमता से यूनीकोड हिंदी में टाइप कर सकते हैं। 

Friday, 25 October 2013

हिंदी में फांट परिवर्तन


हिंदी फांट्स को लेकर कई लोगों को परेशानी आती है। हिंदी फांट्स के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए इस साइट पर जाएं। यहां आपको फांट कनवर्टर आदि के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी।

फांट

देवनागरी के फॉण्ट दो प्रकार के हैं। एक तो पुराने लिगेसी नॉन-यूनिकोड फॉण्ट दूसरे यूनिकोड फॉण्ट।

यूनिकोड फॉण्ट
विण्डोज़ का डिफॉल्ट हिन्दी फॉण्ट मंगल  होता है।
 इसके अलावा विण्डोज़ विस्टा और विंडो 7  में 
अपराजिता, कोकिला तथा उत्साह  नामक फॉण्ट  हैं।
विण्डोज़ के ऍरियल यूनिकोड ऍमऍस  नामक फॉण्ट में हिन्दी सहित संसार की सभी यूनिकोड
 भाषा लिपियों के वर्ण-चिह्न शामिल हैं।
देवनागरी यूनिकोड के शुद्ध प्रदर्शन हेतु संस्कृत 2003 नामक फॉण्ट सबसे अच्छा है।

नॉन-यूनिकोड फॉण्ट


ये पुराने ८-बिट फॉण्ट हैं जो कि यूनिकोड मानक के प्रचलन से पहले प्रयोग किये जाते थे।

वर्तमान में इनका उपयोग मुख्यतः ग्राफिक्स तथा छपायी के कार्यों हेतु ही किया जाता है।
 नॉन-यूनिकोड फॉण्टों में टाइप करने हेतु ई-पण्डित आइऍमई नामक औजार उपलब्ध है।

कुछ प्रचलित नॉन-यूनिकोड फॉण्ट हैं -


कृतिदेव - यह ग्राफिक्स के कार्यों में बहुधा प्रयोग होता है।

 इस शृंखला के कई फॉण्ट हैं जिनका की बोर्ड
लेआउट तथा कैरैक्टर मैप समान है।


चाणक्य - यह फॉण्ट मुख्यतः समाचार पत्रों के प्रकाशन हेतु प्रयोग होता है।

इसके अतिरिक्त पुस्तकों के प्रकाशन हेतु भी इसका उपयोग होता है।
विभिन्न समाचार पत्रों ने इसके आधार पर अपने फॉण्ट तैयार करवाए हैं।


वॉकमैन-चाणक्य - यह फॉण्ट दिखने में काफी हद तक चाणक्य जैसा होता है लेकिन कैरैक्टर मैप अलग है।

यह भी पुस्तकों के प्रकाशन में प्रयुक्त होता है। इसके तीन वैरियेंट हैं - 901, 902 तथा 903


फॉण्ट परिवर्तक - यूनीकोड कनवर्टर

कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग में अक्सर यूनीकोड से टीटीएफ ( कृतिदेव ) या फिर एटीएम ( चाणक्या) कनवर्टर की जरूरत पड़ती है। इसके लिए आप आफ लाइन कनवर्टरों का इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्य रूप से दो तरह के आफलाइन कनवर्टर हैं एक यूनीकोड टू चाणक्या और दूसरा यूनीकोड टू कृतिदेव। जिनसे हिंदी में आपका काम चल सकता है।  




विण्डोज़ प्रोग्राम
  • ई-पण्डित कन्वर्टर - आसान एवं बहुसुविधा युक्त यूनिकोड <==> लिगेसी परिवर्तक। फिलहाल इसमें केवल चाणक्य फॉण्ट हेतु परिवर्तक उपलब्ध है। अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें।
ब्राउजर आधारित ये वेब ब्राउजर में चलने वाले प्रोग्राम हैं जिन्हें किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर प्रयोग में लाया जा सकता है। इन्हें सेव करके ऑफलाइन भी प्रयोग किया जा सकता है। वाँछित कन्वर्टर को खोजने हेतु Ctrl+F दबाकर खोज बक्से में फॉण्ट का नाम लिखें।
वर्ड मैक्रो
ओपनऑफिस/लिब्रेऑफिस मैक्रो

Wednesday, 23 October 2013

हिंदी में लिखना बहुत आसान

अगर कोई व्यक्ति रोमन में हिंदी लिखता है तो उसे ये लिंक भेजें। 

इसमें रोमन में लिखी स्क्रिप्ट हिंदी मंगल में बदल जाती है।

इसके विंडो पर सीधे रोमन में हिंदी लिखी भी जा सकती है

 जो साथ साथ हिंदी यूनीकोड फांट में बदलती रहती है। 
ये बड़ा ही मजेदार और उपयोगी है। 

ये उन लोगों को लिए मददगार है जिनके कंप्यूटर में
 यूनीकोड हिंदी फांट सक्रिय नहीं है या फिर वे 
इनस्क्रिप्ट की बोर्ड पर टाइपिंग नहीं जानते। 


- इस साइट को आजमाएं।  http://lipik.in/

यहां आप इनस्क्रिप्ट या रेमिंगटन किसी भी की बोर्ड की मदद से आनलाइन हिंदी टाइप कर सकते हैं।

आनलाइन वर्चुअल कीबोर्ड के लिए यहां भी जा सकते हैं। 

---विद्युत प्रकाश 

Monday, 21 October 2013

मैक पीसी में लिखें इनस्क्रिप्ट हिंदी


मैक पीसी पर भी यूनीकोड

मैक पीसी और लैपटाप के यूजर अभी देश में कम हैं, लेकिन मुझे यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि एप्पल का मैक पीसी कई सालों से यूनीकोड सपोर्ट करता है और उसके सभी सिस्टम में बाई डिफाल्ट ही हिंदी का यूनीकोड फांट और इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड मौजूद है।


 मैक के किसी भी पीसी में लिखने के लिए आप टेक्स्ट एडिट या फिर लेपर्ड नामक साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। मैक पीसी में यूनीकोड हिंदी को सक्रिय करना बहुत आसान है। 
आप कंप्यूटर के अप्लिकेशन में जाएं। वहां पर सिस्टम टूल्स में जाएं। इसके बाद इंटरनेशनल आप्शन क्लिक करें। यहां कीबोर्ड का आप्शन आता है। इसमें आप जाकर हिंदी यूनीकोड की बोर्ड को ढूंढे। इसके आगे खाली बाक्स को टिक करें। इसके साथ ही पीसी के उपर कोने पर एक नया मार्क बन जाएगा। अंग्रेजी होने की स्थिति यह यूनियन जैक की तस्वीर दिखाएगा। जब आप उसे क्लिक करेंगे तो वहां देवनागरी का आप्सन आता है। वहां क्लिक कर देने पर तिरंगे में क लिखा हुआ दिखाई देगा। 

इसके बाद मैक के सभी अप्लिकेशंस में हिंदी में इनस्क्रिप्ट की बोर्ड में टाइप कर सकते हैं। मैक पीसी में देवनागरी एमटी नामक फांट बाइ डिफाल्ट है। इसमें आप और भी यूनीकोड हिंदी के ओपन टाइप फांट्स डाल सकते हैं। इसके साथ ही एक नई बात सुनने में आई है कि मैक के लेपर्ड का नया वर्जन माइक्रोसाफ्ट के आफिस 2008 के साथ दोस्ताना संबंध रखने लगा है।

 यानी मैक की लिखी हुई फाइल एमएस आफिस के नए वर्जन में खुल सकती है। यानी हिंदी में काम करने वाले लोग बिना संकोच के मैक पीसी और लैपटाप खरीद सकते हैं। मैक के विजुअल एडिटिंग के लिए लोकप्रिय साफ्टवेयर एफसीपी( फाइनल कट प्रो) और एफसीई ( फाइनल कट एक्सप्रेस) में भी हिंदी सपोर्ट भली प्रकार काम करता है।

Sunday, 20 October 2013

क्वार्क-7 में यूनीकोड सपोर्ट


जब हम कंप्यूटर पर हिंदी में लिखने की बात करते हैं तो अभी भी लोग कई तरह के की बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं। जैसे यूनीकोड में लिखने वाले लोग भी इनस्क्रिप्ट की बोर्ड के बजाए अंग्रेजी में लिखते हैं और उसका हिंदी अक्षर परिवर्तित होकर दिखता है। इसकी तुलना में अब लोगों को इनस्क्रिप्ट हिंदी की बोर्ड सीख ही लेना चाहिए जिसे सीखना बहुत ही आसान है। दो घंटे की कवायद के बाद आप आराम से हिंदी में लिख सकते हैं।
जो लोग विंडो एक्सपी या इससे आगे काम कर रहे हैं वे अपने कंप्यूटर में हिंदी भाषा एक्टिवेट करके हिंदी में लिख सकते हैं। इनस्क्रिप्ट हिंदी वर्ड पैड, एमएस आफिस और याहू, गूगल मेल पर कहीं भी सीधे लिखी जा सकती है। दुनिया भर में बनने वाले सभी नए साफ्टवेयर अब यूनीकोड को सपोर्ट करने वाले बन रहे हैं। भारत में सबसे बड़ी दिक्कत किताबों की छपाई को लेकर है। जहां कहीं किताबें मैगजीन और अखबार छप रहे हैं वहां अभी यूनीकोड के बजाए टीटीएफ फांट का इस्तेमाल हो रहा है। 

पर हिंदी में बनने वाली सभी वेबसाइटें अब यूनीकोड में आ रही हैं। छपाई को लेकर यहां यह बताना जरूरी होगा कि अखबारों में सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाने वाला साफ्टवेयर क्वार्क एक्सप्रेस का नया वर्जन क्वार्क-7 अब यूनीकोड सपोर्ट के साथ आ चुका है। यानी मैगजीन प्रकाशित करने वाले लोग अब क्वार्क-7 की सहायता से पूरे मैगजीन की सेटिंग करा सकते हैं और सभी मैटर को सीधे चाहें तो वेबसाइट पर भी डाल सकते हैं। अगर आप यूनीकोड फांट को वेबसाइट पर डालते हैं तो उसे देखने के लिए फांट डाउनलोड करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती।

- विद्युत प्रकाश मौर्य

Thursday, 17 October 2013

कंप्यूटर पर कैसे लिखें हिंदी

कैसे लिखें हिंदी

किसी कंप्यूटर में जो विंडो एक्सपी से पीछे का संस्करण नहीं हो हिंदी भाषा को सक्रिय किया जा सकता है...उसके बाद इनस्क्रिप्ट की बोर्ड में हिंदी लिखी जा सकती है.... इनस्क्रिप्ट सबसे आसान और वैज्ञानिक की बोर्ड है जिसे कोई भी नया आदमी आधे घंटे में कंप्यूटर पर हिंदी लिखना शुरू कर सकता है...इस की बोर्ड का लेआउट चार्ट देखने के लिए इस लिंक पर जाएं....वैसे यह की बोर्ड इतना आसान है कि बिना ले आउट चार्ट के भी आसानी से याद किया जा सकता है...क्योंकि इसमें क वर्ग...च वर्ग, आदि एक ही की के आसपास हैं....
http://www.bhashaindia.com/Developers/IndianLang/Typingdnagari/dnpages.aspx
जब अपने कंप्यूटर पर हिंदी में सक्रिय करते हैं तो आपके कंप्यूटर में नीचे के बार में एक एक आप्सन बन जाता है...आल्ट शिफ्ट की दबा कर हिंदी और फिर अंग्रेजी में जाया जा सकता है....

ब्लाग लिखने वाले..अपने कंप्यूटर में हिंदी भाषा सक्रिय करें....उसके बाद वर्ड पैड में मजे से हिंदी में कुछ भी लिखते रहें...जब आन लाइन हों तो ब्लाग के विंडो में कापी पेस्ट कर दें...अगर आप किसी साइब कैफे में नियमित बैठते हैं वहां किसी एक सिस्टम पर हिंदी भाषा सक्रिय करवा लें....इस पद्धति में दुनिया के किसी भी कंप्यूटर पर पांच मिनट में हिंदी भाषा को एक्टिवेट किया जा सकता है...बस इसके लिए आपका पीसी विंडो एक्सपी की सीडी मांगता है....कुछ फाइलें कापी करता है और फिर रिस्टार्ट के बाद तैयार हो जाता है...हिंदी विकल्प के साथ....


- विद्युत प्रकाश मौर्य  ( HINDI ON PC ) 

Tuesday, 15 October 2013

First national Conference on the status of Journalism Education

First national Conference on the status of Journalism Education

New Delhi  Tuesday October 15 The first national Conference on the status of Journalism Education in the Indian Languages today resolved to appeal to all the Indian Universities to allow the medium of Indian languages in writing doctoral theses and M Phil dissertations. The one day conference was jointly organized by Indian Association of Mass Communication( IAMC) a think tank on  media, and Hindi Department, Hansraj College, Delhi University North Campus . participants  from Maharashtra, Gujarat, Madhya Pradesh, Rajasthan, Himachal Pradesh, Punjab , Jammu and Kashmir and  Uttar Pradesh attended the conference.

  More than thirty papers were presented by Head of the departments of Journalism and mass communication, several senior teachers from Universities of Delhi, IGNOU, MDU Rohtak, chowdhary Devi lal University Sirsa etc.

 It was  inaugurated by Shri N.L Lakhanpal, the chancellor of Baba Sahib Ambedkar Central University Lucknow.
In the beginning Dr Anand Kumar of JNU stressed on the need of inculcating values and ethics in the media education. Shri Om Thanvi Editor Jansatta Hindi Delhi, outlined the importance of hard work and constant learning to become successful journalism. Shri Madhav Kant Mishra .Mahamandaleshwar Swami Martand Puri ji (alias Madhav Kant Mishra)  called upon the youth to show respect for fair reporting and not be judgmental. Prof Dinesh Misra, President Emeritus Indian Society Of Authors emphasized on acquiring good command over the language to produce a good news story. . Dr Ramji Lal Jangid founder president of Indian Association of Mass Communication (IAMC) announced the formation of two Women’s Wings of IAMC . one for the women media teachers and other for remaining section of women media professionals.Ms Nidhi Kulpattii of NDTV administered the oath to the office bearers of the organization.
On this occasion two awards and three honors were also announced. The first award was bestowed upon Late Prof Sudhakar Pawar of Baba Sahib Ambedkar  Marathwada university, Maharashtra, for his valuable contribution to Marathi journalism and its teachings. Second award was given to Dr Mrs. Rama of Hindi Dept Hansraj College for valuable contribution to Hindi Journalism education.


The ward consisted of Rs 31000 in cash, a memento, a shawl and citation.  Three honors were conferred upon Dr Harish Kumar Prof Head MDU Univ Rohtak, Shri Madan Mohan Sinha Mauj and jointly to Shri Karuna shanker and his wife Mrs Usha Saxena for valuable contribution in the field of Hindi journalism education, book writing on  mass communication and journalism and for giving new dimension to the training  of broadcasters.
K.K Bhargava addressing seminar.
Well known Media personalities, media teachers  and leading media professional and intellectuals participated in the deliberations









Nidhi Kulpati of NDTV in seminar