Tuesday, 8 November 2016

पहचान के लिए स्त्रियों को ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है...

रंगकर्म में स्त्रियों को पुरुषवादी समाज के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। खासतौर पर निर्देशन की बात करें तो यह 24 घंटे व्यस्त रखने वाला कार्य है, इसलिए इसमें महिलाएं कम दिखाई देती हैं। पर अगर महिला रंगमंच में निर्देशक के तौर पर आती है तो वह महिला पात्रों को ज्यादा मौलिक स्वरूप में पेश करती है। ये विचार हैं प्रख्यात रंगकर्मी और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) की पूर्व निर्देशक श्रीमती कीर्ति जैन के। कीर्ति जैन 1989 से 1995 तक एनएसडी की निर्देशक रहीं। वे इस राष्ट्रीय संस्थान की पहली महिला निर्देशक भी रहीं।

कीर्ति जैन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कालेज  में सात नवंबर को हिंदी रंगमंच और महिलाएं विषय पर हुए सेमिनार के पहले सत्र में मुख्यवक्ता के तौर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को जब मौका मिला है वे नए तरह का रंगमंच लेकर आई हैं। वैसे बहुत कम नाटक लिखे गए हैं जो महिलाओं के प्रोसपेक्टिव में हों। हालांकि कीर्ति जैन कहती हैं कि जयशंकर प्रसाद का लिखा हुआ ध्रुवस्वामिनी पहला नाटक है जिसे फेमनिस्ट कहा जा सकता है। आज के दौर में मीराकांत, मृदुला गर्ग और मृणाल पांडे ने महिला केंद्रित नाटक लिखे हैं।


सेमिनार – हिंदी रंगमंच और स्त्रियां
कीर्ति जैन कहती हैं - अगर कोई महिला लिखती है तो उसमें विजुअल इमेजरी ( विम्ब) अलग किस्म का उभर कर आता है। उनके अनुभव अलग किस्म के हैं। मैं खास तौर पर पंजाबी की नाटककार नील मान सिंह चौधरी को याद करना चाहूंगी जिसनेक नाटक में महिलाएं काफी अलग किस्म की दिखाई देती हैं। अब हालात बदल रहे हैं महिलाएं किसी भी तरह का रिस्क लेने के तैयार हैं।

मिरांडा हाउस दिल्ली विश्वविद्यालय की हिंदी विभाग की शिक्षक डाक्टर रमा यादव कहती हैं भरतमुनि ने नाट्य शास्त्र को पंचम वेद कहा है और इसमें स्त्री के लिए जगह है। जयशंकर प्रसाद के नाटकों में स्त्री प्रमुखता से आई है। रविंद्र नाथ टैगोर के विसर्जन नाटक में भी स्त्री प्रमुखता से आई है। डाक्टर रमा ने अपने दो साल के हंगरी प्रवास की चर्चा की जहां उन्होंने मीरा पर नाटक रचा था जो काफी लोकप्रिय हुआ।

सेमिनार में हंसराज कालेज के हिंदी विभाग के छात्र छात्राओं ने भी गंभीरता से हिस्सा लिया। सेमिनार का आयोजन पत्रकारिता के प्रख्यात शिक्षक डॉक्टर रामजीलाल जांगिड के सानिध्य में भारतीय जनसंचार संघ द्वारा किया गया। पहले सत्र की अध्यक्षता पत्रकार विद्युत प्रकाश मौर्य ने की। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत हंसराज कालेज की प्राचार्य डाक्टर रमा जैन ने किया। पत्रकार रविंद्र साधु ने विषय प्रवेश प्रस्तुत किया।

नाटक का मूल उद्देश्य मनोरंजन – दया प्रकाश सिन्हा

सेमिनार के दूसरे सत्र में पूर्व आईएएस लेखक और रंगकर्मी दया प्रकाश सिन्हा ने के रंगकर्म विशद चर्चा की। उन्होंने कहा नाटक कला भी है और साहित्य भी है। यह द्विआयामी विधा है। पर नाटक का मूल उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना है। मनोरंजन यानी जो मन को रंग दे। मनोरंजन में ज्ञानवर्धन भी शामिल हो सकता है। पर मैं इससे सहमत नहीं हूं कि यह कोई क्रांति करने के लिए हथियार है। 

सिन्हा ने कहा,  भरत मुनि ने नाट्य शास्त्र की रचना ही देवताओं के मनोरंजन के लिए की थी। इसी तरह देश में पारसी थियेटर ब्रिटिश अधिकारियों के मनोरंजन के लिए आया। हालांकि बाद में इसका इस्तेमाल उद्देश्य परक होने लगा। 1935 में प्रगतिशील लेखक संघ और 1942 में भारतीय जन नाट्य संघ ( इप्टा) स्थापना हुई। जाहिर इप्टा के नाटकों का उद्देश्य वाम विचारों का प्रसार था तो  दक्षिण पंथी विचार धारा के लोगों ने संस्कार भारती की स्थापना की।
वहीं सरकार की संस्थाएं भी सरकारी नीतियों के प्रचार प्रसार के लिए नाटकों का सहारा लेती हैं। इसमें कुछ गलत नहीं है पर नाटकों का उद्देश्य इतना भर ही नहीं है। 1960 बैच के आईएएस दया प्रकाश सिन्हा ने अपने 1955 के काल के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अनुभव भी साझा किए जिसमें उन्हें नाटक करने में और खास तौर पर स्त्री पात्रों को नाटकों में शामिल करने के लिए तैयार करने में कितनी मुश्किलें आईं। दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रख्यात पत्रकार और आईआईएमसी के अंगरेजी पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप माथुर ने की। हंसराज कॉलेज के हिंदी विभाग के पूर्व शिक्षक प्रोफेसर प्रभात कुमार ने अतिथियों का धन्यवाद किया।  

डॉक्टर जांगिड ने मनाया 78वां जन्मदिन


यह महज संयोग ही रहा है कि 7 नवंबर हिंदी पत्रकारिता की कई पीढ़ियों को शिक्षित करने वाले और कई भाषाओं के हजारों पत्रकारों को गढने वाले डाक्टर रामजीलाल जांगिड का 78वां जन्मदिन था। तो सबकी ओर से कार्यक्रम के अंत में केक काटकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी गई।

जीवन के  77 साल पूरे करने के बाद जिस ऊर्जा और उत्साह स डाक्टर जांगिड सक्रिय हैं वह हमेशा युवाओं को प्रेरणा देता रहेगा। दो माह पहले उनकी सहधर्मिणी डाक्टर सत्या जांगिड उन्हे इस संसार से छोड़कर चली गईं पर जिंदगी जिंदादिली का नाम है.. ये कोई उनसे सीखे।
 -vidyutp@gmail.com
( SEMINAR, HANSRAJ, COLLEGE, DELHI UNIVERSITY ) 


Monday, 7 November 2016

देश के हर कोने में भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर मनाया छठ

छठ सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश का उत्सव नहीं रह गया है। हर साल दिल्ली मुंबई और पंजाब से लाखों लोगों के छठ करने की तस्वीरें आती हैं। पर इस साल आप देश के कोने कोने से छठ की तस्वीरें देख सकते हैं.


देश के द्वीप राज्य अंडमान निकोबार में लोग बड़ी श्रद्धा से समंदर किनारे छठ मनाते हैं। यहां पिछले दो सौ सालों से बिहार और यूपी के लोग जाकर बसने का सिलसिला जारी है। वहां का छठ देख यूं लगता है जैसे पटना का घाट हो। समंदर के किनारे नारियल के पेड़ों का झुरमुट और छठ के गीत....



दक्षिण भारत में चेन्नई में देश के सबसे विशाल समुद्र तट मरीना बीच पर भी बड़ी संख्या में लोग छठ व्रत करते हैं।


कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में छठ पर आस्था के साथ गीत संगीत का रंग भी देखने को मिलता है। बेंगलुरू के कई इलाके में बिहार का समाज बड़ी संख्या में मौजूद है जो लंबे समय से छठ की तैयारी में लगा रहता है।



तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में विशाल हुसैनसागर झील के किनारे बिहार यूपी के लोग बड़ी श्रद्धा से छठ के लिए जुटते हैं। तो हैदराबाद के वनस्थलीपुरम इलाके में भी लोग हर साल छठ मनाते हैं।




पूर्वोत्तर के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के किनारे भी हजारों परिवार छठ करते हैं। गुवाहाटी से लेकर ठिब्रूगढ़, तिनसुकिया जैसे असम के हर शहर में छठ का का त्योहार उल्लास से मनाया जाता है।




बंगाल के दुआर्स इलाके में भूटान की सीमा से लगे छोटे से शहर हासीमारा में भी बिहार का समाज है जो छठ का त्योहार पूरी आस्था से तोरसा नदी के तट पर मनाता है, यहां तैनात फौजी भी इसमें पूरा सहयोग करते हैं। 
- vidyutp@gmail.com

( सभी चित्र दोस्तों के फेसबुक वाल से साभार ) 

Saturday, 9 July 2016

दुनिया में महिला शासकों का बढ़ता कारवां

दुनिया के 22 ऐसे देश हैं जिनमे शासन की बागडोर इन दिनों महिलाओं के हाथ में है। यह ऐतिहासिक तौर पर एक रिकॉर्ड है। ताजा घटनाक्रम में आस्ट्रिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति की कमान शुक्रवार 8 जुलाई को डोरिस बुरेस ने संभाली है। दो महीने पहले ही एशियाई देश ताइवान ने साई इंग वन को अपनी पहली महिला राष्ट्रपति के तौर पर चुना था।

ब्रिटेन में होगी महिला पीएम
ब्रेग्जिट मामले में हार के बाद इस्तीफे की घोषणा करने वाले ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन के उत्तराधिकारी की दौड़ में गृह मंत्री थेरेसा मे और ऊर्जा मंत्री आंद्रेया लेडसम को अंतिम उम्मीदवारों के तौर पर चुना गया। इसके बाद ब्रिटिश और विश्व मीडिया में इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि थैचर के बाद जल्द ही ब्रिटेन को दूसरी महिला प्रधानमंत्री मिलेगी।
हिलेरी का होगा अमेरिका
इस साल हो रहे अमेरिकी चुनाव में अगर डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को जीत मिलती है तो दुनिया के सबसे ताकतवर देश की कमान भी एक महिला के हाथ में होगी।


मर्केल सबसे शक्तिशाली महिला
जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल के हाथ में पिछले 11 साल से देश की कमान है। फोर्ब्स पत्रिका पिछले छह सालों से लगातार उन्हें दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिला घोषित कर रही है।
2016 के अप्रैल में भारी जीत के बाद आंग सान सूकी म्यांमार की स्टेट काउंसेल के पद पर हैं।
2005 से एंजेला मर्केल जर्मनी की चांसलर हैं।
2011 से डेलिमा रुसेफ ब्राजील की राष्ट्रपति हैं।
2009 ने शेख हसीना वाजेद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हैं।
2015 से विद्या देवी भंडारी नेपाल की राष्ट्रपति हैं।
2015 से अमीना गुरीब फाकिम मॉरीशस की राष्ट्रपति हैं।
2011 में यिंग्लुक शिनावात्रा थाइलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं

पहली बार
1960 में श्रीलंका में पति की हत्या के बाद श्रीमावो भंडारनायके दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं
1986 में मारिया कोराजोन अकीनो पहली बार फिलिपींस की महिला राष्ट्रपति बनकर चर्चा में आई।
1966 में इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, अपने तकरीबन दो दशक के कार्यकाल में देश की दशा दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई
1988 में जुल्फीकार अली भुट्टो की बेटी बेनजीर भुट्टो पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं
1236 में दिल्ली की गद्दी संभालने वाली रजिया सुल्तान को भारत की पहली महिला शासक माना जाता है।



Saturday, 2 July 2016

क्या है बादल फटना यानी क्लाउडब्रस्ट

बादल फटना जिसे अंग्रेजी में क्लाउडब्रस्ट कहते हैं, एक छोटे से दायरे में काफी बड़ी मात्रा में अचानक बारिश होना है। ऐसा तब होता है जब वातावरण में दबाव बेहद कम हो जाता है। आमतौर पर बादल अचानक एक दूसरे से या फिर किसी पहाड़ी से टकराते हैं, तब अचानक भारी मात्रा में पानी बरसता है। यह प्रक्रिया ज्यादा ऊंचाई पर नहीं होती। इसमें 100 मिलीमीटर प्रतिघंटा या उससे भी तेज रफ्तार से बारिश होती है जिससे बाढ़ जैसा मंजर दिखने लगता है।
भारी नमी से लदी हवा अपने रास्ते में जब पहाड़ियों से टकराती है तो बादल फटने की घटना होती है। हिमालय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां ऐसी घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।

तेज आंधी के साथ बारिश
बादल फटने के दौरान आमतौर पर गरज और बिजली चमकने के साथ तेज आंधी के साथ भारी बारिश होती है। एक साथ भारी मात्रा में पानी गिरने से धरती उसे सोख नहीं पाती और बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है और चारों तरफ तबाही मच जाती है। बीच में यदि हवा बंद हो जाए तो बारिश का समूचा पानी एक छोटे इलाके में एकाएक जमा होकर फैलने लगता है।

पहाड़ों पर ज्यादा घटनाएं - बादल फटने की अधिकतर आपदाएं पहाड़ी क्षेत्रों में ही होती हैं। जैसे की हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर आदि।

02 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश चंद मिनटों में ही हो जाती है बादल फटने पर। जिस कारण से भारी तबाही मचती है।

2500 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर अक्सर बादल के फटने की घटना देखने में आती है।
2005 में 26 जुलाई को मुंबई में गर्म हवा से टकराने से हुई थी बादल फटने की घटना, आमतौर पर मैदानी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं कम देखने को मिलती हैं।
ताजा घटनाएं
29 मई 2016 को उत्तराखंड में बादल फटा, 4 की मौत
11 मई 2016 में शिमला के पास सुन्नी में बादल फटा, भारी तबाही
08 अगस्त 2015 मंडी में बादल फटा, 5 की मौत



Thursday, 23 June 2016

'मोरे हाजी पिया' को सुर देने वाला नहीं रहा....

कराची की सड़कों पर इश्क मुहब्बत की बात करने वाली कव्वाल की एक आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई। सिरफिरों ने 22 जून 2016 को उनकी गोली मार कर हत्याकर दी। 45 साल के अमजद फरीद साबरी, गुलाम फरीद साबरी के पांच बेटों में एक थे, जो अपने पिता के पदचिन्हों पर चल रहे थे। अमजद साबरी ने 2008 में आई लोकप्रिय हिंदी फिल्म हल्ला बोल में चर्चित कव्वाली 'मोरे हाजी पिया'  गाया था। सलमान खान की हालिया फिल्म बजरंगी भाईजान में साबरी ब्रदर्स की मशहूर कव्वाली 'भर दो झोली' को शामिल किया गया था, जिस पर अमजद साबरी ने काफी नाराजगी जताई थी। अजमद ने कानूनी नोटिस भेजते हुए आरोप लगाया था कि उनके पिता ग़ुलाम फरीद साबरी की इस प्रसिद्ध कव्वाली को बिना अनुमति के फिल्म में शमिल किया गया। फिल्म बजरंगी भाईजान में इस कव्वाली को अदनान सामी ने सुर दिया था।



हरियाणा से गए थे पाकिस्तान-  उनके पिता गुलाम फरीद साबरी का जन्म 1930 में हरियाणा के रोहतक के पास कल्याणा में हुआ था। रोहतक के पास कल्याणा  में 1946 में उर्स में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक तौर पर कव्वाली गाई थी।  1947 में भारत पाक विभाजन के समय गुलाम फरीद ने पाकिस्तान जाना पसंद किया। पाकिस्तान पहुंचने पर कराची के एक शिविर में बहुत बुरे हाल में रहे। बाद में उन्होंने सड़कों पर मजदूरी की। एक समय में उनके फेफड़े खराब हो गए और उन्हें टीबी जैसी बीमारी हो गई। पर वे आत्मशक्ति से इस बीमारी से उबरे और कई सालों तक रियाज कर अपना गला साफ किया।

मियां तानसेन के वंशज - साबरी खुद को मियां तानसेन का सीधा वंशज होने का दावा करते हैं। गुलाम फरीद साबरी उत्तर भारतीय कव्वाली की परंपरा को बहुत ऊंचाई पर ले गए।  एक वक्त आया जब वे नामचीन कव्वाल बने और अपना समूह बनाया। साबरी टाइटिल उनके परिवार में सूफी मत के साबरिया विचारधारा के कारण आई। गुलाम फरीद साबरी का निधन 1994 में 64 साल की उम्र में हो गया।

भाई के साथ गाते हुए बने साबरी ब्रदर्स-  गुलाम साबरी ने अपने छोटे भाई मकबूल अहमद साबरी के साथ गाना शुरू किया। इस तरह गुलाम फरीद साबरी और मकबूल साबरी का कव्वाली समूह बना। उनके कव्वाली की कई पीढ़ियां दीवानी रहीं। कई मशहूर पाकिस्तानी फिल्मों में उनकी कव्वाली शामिल हुई। 1958 में उनका पहला रिकार्ड आया – मेरा कोई नहीं तेरे सिवा...जो सुपर हिट रहा। उनकी सबसे लोकप्रिय कव्वाली रही...भर दो झोली मेरी या मुहम्मद.. कहते संगीत का कोई मजहब नहीं होता। गुलाम फरीद अपने जीवन में आखिरी दिनों तक हर रोज सुबह 4 बजे जग जाते थे और राग भैरवी में रियाज करते थे।
-vidyutp@gmail.com 

( SABRI BROTHERS, QAWWLI, PAKISTAN , AMAZAD FARID SABRI) 

Wednesday, 22 June 2016

निगरानी क्षमता को मजबूत बनाएगा कार्टोसैट

इसरो का सैटेलाइट कार्टोसैट 2सी आसमान से उच्च गुणवत्ता वाले तस्वीर और वीडियो भेजेगा। इससे देश की निगरानी क्षमता में व्यापाक इजाफा होगा। इस सैटेलाइट के साथ भारत चीन, इजरायल जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है जिसके पास उच्च निगरानी क्षमता है।

इस सैटलाइट का इस्तेमाल मानचित्रण (कार्टोग्राफी), तटीय भूमि उपयोग एवं नियमन, सड़क नेटवर्क की निगरानी और जल वितरण जैसे सुविधा प्रबंधन के लिए हो सकेगा। इससे सटीक अध्ययन के साथ भौगोलिक सूचना प्रणाली अप्लीकेशनों के लिए भी हो सकेगा। कार्टोसैट श्रेणी का पहला मिलट्री सैटेलाइट 2007 में लांच किया गया था। कार्टोसैट 2सी में पैनक्रोमैटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरे लगे हुए हैं जो उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें ले सकेंगे। खास तौर पर इस सैटेलाइट से देश की सीमा और विवादित स्थलों की बेहतर तस्वीरें ले पाना संभव हो सकेगा। कार्टोसैट इन तस्वीरों को तुरंत अर्थ स्टेशन को भेज सकेगा। पैनक्रोमेटिक तस्वीरें आपदा प्रबंधन के समय काम आती हैं साथ ही इससे संबंधित स्थल के तापमान का भी पता लगाया जा सकता है।


कार्टोसैट-2सी  -
04 सैटेलाइट छोड़े जा चुके हैं कार्टोसैट सीरीज में। इससे पहले इस श्रंखला में कार्टोसैट-2, 2ए और 2बी सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया गया था। नया सैटेलाइट अपने पहले संस्करणों से काफी उन्नत है।

727.5 किलोग्राम का है कार्टोसैट 2सी उपग्रह। यह नियमित तौर पर रिमोट सेंसिंग सेवा प्रदान करेगा।

550 किलोमीटर धरती से ऊपर यह स्थापित होगा। इसके द्वारा ली गई तस्वीरों का बहुद्देशीय उपयोग होगा।

05 साल होगी कार्टोसैट-2 सी की संभावित उम्र। दो सोलर पैनल और लिथियम बैटरी लगी है इसमें इस



प्रदूषण की निगारानी करेगा सत्यभामासैट
चेन्नई के सत्यभामा विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रयास से उपग्रह सत्यभामासैट तैयार किया गया है जो प्रदूषण की निगरानी करने में सक्षम होगा। यह किसी भारतीय विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा तैयार पहला नैनो सैटेलाइट है।
1.5 किलोग्राम वजन है सत्यभामासैट का।
2 करोड़ रुपये खर्च आया है इस सैटेलाइट के निर्माण में
06 साल से छात्रों ने शोध करके तैयार किया है इस सैटेलाइट को
2009 में इसरो के सहयोग से विश्वविद्यालय ने शुरू किया था परियोजना पर काम
15 छात्र और 6 फैकल्टी सदस्य सत्यभामा यूनिवर्सिटी के इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं
10 मिनट हर रोज अर्थ स्टेशन के संपर्क में आएगा सत्यभामासैट, इसरो करेगा प्राप्त डाटा का विश्लेषण।
06 माह से 1 साल तक होगा इस सैटेलाइट का जीवन

ग्रीन हाउस गैस पर नजर

सत्यभामासैट एक नैनो सैटेलाइट है जो धरती पर होने वाले प्रदूषण पर नजर रखने में कारगर होगा। इस सैटेलाइट से प्राप्त डाटा से प्रदूषण के स्तर की निगारनी की जा सकेगी। यह सैटेलाइट ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन की निगरानी करेगा। यह जल के वाष्पीकरण, कार्बन डाईआक्साइड कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा, वातावरण में मिथेन और हाईड्रोजन फ्लोराइड के स्तर का आकलन करेगा।

आपदा के समय राहत में मददगार होगा स्वयम
पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा तैयार उपग्रह है स्वयम आपदा के समय दूरस्थ स्थानों में संचार स्थापित करने में कारगर साबित होगा। इस सैटेलाइट के साथ पुणे के इस प्रतिष्ठित कॉलेज के छात्रों ने अंतरिक्ष में ऊंची छलांग लगाई है। कॉलेज के 800 छात्रों ने इस सैटेलाइट के लांचिंग के मौके पर तालियां बजाकर खुशी का इजहार किया।  

1000 ग्राम से भी कम वजन है स्वयम का। इसरो द्वारा प्रक्षेपित 20 उपग्रहों में सबसे छोटा है स्वयम
2008 से कॉलेज के 170 छात्र इस सैटेलाइट पर कर रहे थे काम। क्यूब जैसा आकार है स्वयम का।   
515 .3 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित होकर काम करेगा।

कार्य – स्वयम सैटेलाइट एम्च्योर रेडियो नेटवर्क हैम के नेटवर्क के लिए मददगार होगा। यह दूरस्थ इलाकों का सूक्ष्म आकलन कर सकेगा। यह पैसिव स्टैबलाइजेशन सिस्टम से काम करता है। इसको भारी भरकम बैटरी की कोई जरूरत नहीं होगी।







Friday, 29 April 2016

स्वदेशी जीपीएस बनाने का मुकाम हासिल

भारत ने स्वदेशी जीपीएस बनाने की दिशा में मुकाम हासिल कर लिया है। अमेरिका आधारित ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस जैसी क्षमता हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इसरो ने गुरुवार को अपना सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1जी (भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली-1जी) लॉन्च कर दिया। यह सात उपग्रहों के समूह का आखिरी सेटेलाइट है।

इंडियन जीपीएस के फायदे
- इस सैटेलाइट की मदद से देश दूर-दराज के इलाकों की स्थैतिज सही लोकेशन पता चल सकेगी।
- वाहन ट्रैकिंग के कारण यातायात व्यवस्था को भी काफी मदद मिलेगी।
- मरीन लोकेशन के कारण लंबी दूरी तय करने वाले समुद्री जहाजों और मछुआरों को लोकेशन की सही जानकारी मिल सकेगी।
- आपदा के समय मोबाइल फोन के संचालन में मदद मिलेगी।
- मानचित्र बनाने और भौगोलिक डाटा जुटाने में भी होगा मददगार
- युद्ध के समय पड़ोसी देशों में गतिविधियों की सही लोकेशन का पता चल सकेगा।
- पहाड़ों पर ट्रैकिंग करने वालों की भी करेगा मदद।

अमेरिका और रूस को टक्कर
भारत का यह इंडियन रीजनल नेविगेशनल सैटेलाइट सिस्टम अमेरिका के जीपीएस और रूस के ग्लोनास का लघु रूप है।
इन देशों के पास है नेविगेशन सिस्टम
1. अमेरिका - जीपीएस - 32 सेटेलाइट हैं, 1978 में शुरुआत, 1994 से पूरी दुनिया रेंज में
2. रूस - ग्लोनास -  24 सेटेलाइट सेवा में, 1995 से कार्यरत, 2011 में रिस्टोर किया गया।
3. यूरोपीय यूनियन - गेलिलियो -12 सेटेलाइट सेवा में2014 से उपलब्ध,
4. चीन - बायडू - 22 सेटेलाइट हैं सेवा में, 2012 से कार्यरत, एशियाई देश रेंज में, 2020 तक पूरी दुनिया है लक्ष्य
5. जापान - क्यूजेडएसएस - 3 सेटेलाइट सेवा में, 2010 से कार्यरत, सिर्फ जापान रेंज में

अमेरिकी जीपीएस से बेहतर चीनी बायडू
20 मीटर तक सटीक जानकारी देता है जीपीएस लेकिन बायडू 10 मीटर तक सटीक जानकारी देने में सक्षम है। इसकी मिलिट्री रेंज और भी सटीक है जिसका चीन ने खुलासा नहीं किया है। चीन के अलावा पाकिस्तान भी आधिकारिक तौर पर लेता है बायडू की सेवाएं।

करगिल युद्ध के समय अमेरिका ने नहीं दी थी जानकारी
1999 में करगिल युद्ध के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सेना की लोकेशन जानने के लिए अमेरिका से जीपीएस सेवा की मांग की थी, लेकिन अमेरिका ने तब भारत को आंकड़े देने से मना कर दिया था। उसी समय से भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक स्वदेशी जीपीएस बनाने की कोशिश करने लगे थे। इस प्रणाली को पूरी तरह से भारतीय तकनीक से विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने सात सैटेलाइट को एक नक्षत्र की तरह पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने का फैसला किया।

आईआरएनएसएस-1जी
1,500 किलोमीटर तक के विस्तार में क्षेत्र की स्थिति की सटीक जानकारी देगा।
20 मीटर से कम दूरी की सटीक जानकारी देने में है सक्षम
1.58 मीटर है लंबाई चौड़ाई और ऊंचाई
1,425 किलोग्राम वजन है आईआरएनएसएस-1जी का
320 टन वजन है ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) का जिससे आईआरएनएसएस-1जी) ने अंतरिक्ष में उड़ा भरी
02 सोलर पैनल लगे हैं जो 1660 वाट ऊर्जा पैदा करेंगे

10 साल की मेहनत रंग लाई
2006 के मई में यूपीए 1 सरकार के दौरान हुआ शुरू हुआ इस प्रणाली पर काम
2013 में लांच किया गया इस इस प्रणाली का सात उपग्रहों में से पहला उपग्रह
150 करोड़ रुपये के करीब है प्रत्येक उपग्रह की लागत
130 करोड़ रुपये है पीएसएलवी-एक्सएल प्रक्षेपण यान की लागत
1420 करोड़ से ज्यादा आई है इस परियोजना की कुल लागात

12 साल होगी आईआरएनएसएस-1जी सेटेलाइट की उम्र

Thursday, 28 April 2016

कई मंदिरों में भी है महिलाओं के प्रवेश पर रोक

देश में सिर्फ मसजिद और पीरों की मजार ही नहीं कई बड़े प्रसिद्ध मंदिर भी हैं जहां महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है। कई मंदिरों में तो ये पाबंदी सैकड़ो साल से चली आ रही है। इस पाबंदी के पीछे अलग अलग किस्म के तर्क हैं।

2011 में लगी हाजी अली में महिलाओं पर पाबंदी
पीर हाजी अली शाह बुखारी की याद में मुंबई के वरली समुद्र तट पर एक छोटे से टापू पर हाजी अली दरगाह स्थित है। देश दुनिया से मुस्लिम और बड़ी संख्या में हिन्दू श्रद्धालु यहां जियारत करने आते हैं।

1431 में सूफी संत की याद में इस दरगाह की स्थापना की गई थी। हाजी अली उजबेकिस्तान के बुखारा से भारत पहुंचे थे।
4500 वर्ग मीटर में विस्तार है दरगाह का, 85 फीट ऊंची है मीनार।
2011 में ट्रस्ट ने हाजी अली के दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई।
2012 में भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन ने इसके खिलाफ अदालत में अर्जी लगाई
5.30 बजे सुबह से रात्रि 10 बजे तक है जियारत का समय
- यहां रोक नहीं है
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ( अजमेर) और कलियर शरीफ ( रुड़की)  में महिलाओं के प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। यह दोनों बड़ी दरगाह हैं।
- दरगाह आला हजरत (बरेली) और खानकाह-ए-नियाजिया में महिलाओं के प्रवेश पर रोक नहीं है।
- यहां रोक है
- हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली)  और सरहिंद शरीफ (पंजाब) में मुस्लिम महिलाओं के दरगाह में जाने पर रोक है।
- महिलाओं के कब्रिस्तान में जाने पर भी रोक है।
- फिलहाल सभी दरगाहों में महिलाओं के चादरपोशी करने से रोका जाता है।
- दिल्ली जामा मस्जिद में मगरिब की नमाज के बाद महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है।
इन मंदिरों में भी प्रवेश नहीं मिलता
1. अय्यपा स्वामी मंदिर ( सबरीमाला, केरल) में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। माना जाता है कि इस उम्र की महिलाएं रजस्वला होती हैं।
2. बारपेटा सत्र ( असम) में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी कई सदियों से है। राज्य के बाकी वैष्णव मंदिरों में रोक नहीं। बारपेटा में कई बार आंदोलन भी हुए पर मंदिर प्रबंधन महिलाओं को प्रवेश देना परंपरा के खिलाफ मानता है। बारपेटा में इतिहास के प्रोफेसर हेम बहादुर क्षेत्री बताते हैं कि असम में महिला संगठनों का आंदोलन कमजोर है। यहां भी बारपेटा सत्र मठ-मंदिर में प्रवेश के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है।
3. मवाली माता मंदिर (धमतरी, छत्तीसगढ़) में तर्क दिया जाता है कि माता कुंआरी हैं इसलिए महिलाओं के दर्शन पर रोक है।
4. कार्तिकेय मंदिर (पिहोवा, कुरुक्षेत्र)- सदियों से प्रवेश वर्जित है। इस मंदिर में प्रवेश करने पर विधवा होने का शाप मिलता है। मंदिर के बाहर लगे बोर्ड पर साफ लिखा है कि महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।
5. जगन्नाथ मंदिर (पुरी, ओडिशा) परिसर में बिमला खांडा शक्तिपीठ में महिलाओं को प्रवेश नहीं मिलता। इसके पीछे तर्क है कि महिलाएं खुद शक्ति का रूप हैं इसलिए वे मंदिर में नहीं आ सकतीं।
6. बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी के पास आशापुरी मंदिर में महिलाओं केप्रवेश पर नवरात्र के समय पाबंदी रहती है। यह परंपरा भी इस मंदिर में सदियों से चली आ रही है।
इन मंदिरों में नहीं जा सकते पुरुष
राजस्थान के पुष्कर तीर्थ में रत्नाग‌िरी पर्वत पर ब्रह्मा जी की पत्नी देवी साव‌ित्री का मंद‌िर हैं। इस मंदिर में केवल महिलाएं जा सकती हैं और माता की गोद भराई करती हैं। आंध्रप्रदेश के व‌िशाखापटनम में कामख्या देवी मंद‌िर है यहां स‌िर्फ मह‌िलाएं जाती हैं और यहां की पुजारी भी महिला ही हैं। उत्तर प्रदेश चंदौली जिले के शहर सकलडीहा में लगभग 120 साल प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण संत श्रीपथ की स्मृति में करवाया गया था। कहते हैं की इस मंदिर में पुरूष प्रवेश पर रोक है।



Friday, 25 March 2016

IMP. DAYS OF YEAR

Jan 03 –          Day of Silence
Jan 09 –          NRI day
Jan 10 –          Laughing day
Jan12              National Youth Day.
Jan15             Army Day
Jan 25             National Voters day
Jan 26             India's Republic Day/International Customs day.
Jan 30             Martyrs' Day
Jan 31             Street children day

Feb 02             National Girls day
Feb 4               Cancer day
Feb 14             Valentine day
Feb 24             Central Excise Day.
Feb 28             National Science Day.


March 8           International Women's Day.
March 13         No smoking day
March 15         World Disabled Day.
March 21         World Forestry Day.
March 21         International Day for the Elimination of Racial Discrimination.
March 22         World water day
March 23         World Meteorological Day.
March 24         World TB day

April 01            Wolrd Fools day
April 5              National Maritime Day.
April 7              World Health Day.
April 11            World Parkinson Disease day
April 17            World Hemophilia day
April 18            World Heritage Day.
April 22            Earth Day.
April 25            World Malaria day

May 1             Workers Day (International Labor Day).
May 3             Press Freedom Day
May (2nd Sun)            Mother's Day
May 8              World Red Cross Day
May 11            National Technology Day
May 12            International Nursing day
May 15            International Day of the Family
May 17            World Telecommunication Day
May 22            World Biological diversity day
May 24            Commonwealth Day
May 31            Anti-Tobacco Day

Jun 01             International Children day
June 4             International Day of Innocent Children Victims of Aggression
June 5             World Environment Day
June (2nd Sun) Fathers Day
Jun 09             Donald duck day
Jun 14             World Blood donor day
Jun 20             World Refugee Day
Jun 21             International Yoga day
Jun 23             United Nations Public Service Day
Jun 23             International Olympic day
June 26           International day against Drug abuse & Illicit Trafficking
June 27           World Diabetes Day
JUN 29            National Statistics Day

July 01            Docters day
July 04            Independence day of USA
July 06            World   Zoonoses Day
July 11            World Population Day
July 26            Kargil Vijay Divas
July 27            Central Reserve Police Force Foundation Day
July 28            World Hepatitis Day


Aug 01             World Brest Feeding Day
Aug03             International Friendship Day
Aug06             Hiroshima Day
Aug0 9             Quit India Day and Nagasaki Day
Aug 13             Left Hander day
Aug15             Independence Day of India
Aug 19             World Photography day
Aug 20             Mosquito Day
Aug 24             Sanskrit Day
Aug 26             Women Equality Day
Aug 29             National Sports Day


Sep 5               Teachers' Day
Sep8                World Literacy Day
Sep 14             Hindi Day
Sep15              Engineers Day
Sep16              World Ozone Day
Sep21              Alzheimer's Day
Sep26              Day of the Deaf
Sep 27             World Tourism Day
Sep29              World Heart day

Oct 01                         International day of the Elderly
Oct 03                         World Habitat Day
Oct04             World Animal Welfare Day
October 8        Indian Air Force Day
October 9        World Post Office day
October 10      National Post Day
October 13      UN International Day for National disaster reduction
October 14      World Standards Day
October 15      World White Cane Day( guiding the Blind).
Oct 16                         World Food Day
Oct 24                         United Nations Day/World development information Day
Oct30             World Thrift Day
Oct 31                         Rastriya Ekta Diwas (Sardar Patel)

Nov 11                        Education Day
Nov 14            Children's Day ( in India )
Nov 17            International Students Day
Nov 19            International Citizen Day
Nov 20            Africa Industrialization Day
Nov 21                        World Television Day
Nov29                         International Day of Solidarity with Palestinian People.


Dec01             World Aids Day
Dec 03                        Handicapped day
Dec04                         Navy Day
Dec 05                        World Volunteer day
Dec07                         Armed Forces Flag Day
Dec09                         World Anti corruption day
Dec10                         Human Right Day
Dec 17            Wright Brothers day
Dec23                         Kisan Divas/Farmer's Day
Dec 24                        National Consumer day
Dec 25                        Good governance day (India)
Dec 26                        Boxing day