Friday, 31 May 2019

सत्रहवीं लोकसभा में सबसे ज्यादा 78 महिलाएं जीत कर पहुंची

यह नारी शक्ति की बढ़ती ताकत है और मजबूत होते लोकतंत्र का संकेत कि सत्रहवीं लोकसभा में सबसे ज्यादा 78 महिलाएं जीत कर पहुंची हैं। इस तरह से लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सदस्य संख्या का 17 प्रतिशत हो गई है। हालांकि अभी भी यह आंकड़ा 33 फीसदी से काफी नीचे है। 16वीं संसद में 62 महिलाओं को लोगों ने अपना जनप्रतिनिधि चुना था. भारत में धीरे-धीरे महिलाओं की राजनीति और संसद में भागीदारी बढ़ रही है, जो शुभ संकेत है।

लोकसभा चुनाव में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 724 महिला उम्मीदवार थीं। मौजूदा लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 64 है। इनमें से 28 मौजूदा महिला सांसद चुनाव मैदान में थी।

इनमें सबसे अधिक 40 महिला उम्मीदवार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं हैं। सन 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सर्वाधिक, 54 और बीजेपी ने 53 महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में, बीएसपी ने 24, तृणमूल कांग्रेस ने 23, मार्क्सवादी कॉम्युनिस्ट पार्टी ने 10, भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी ने चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था।

तृणमूल कांग्रेस में सबसे ज्यादा महिला सांसद - 
महुआ मोइत्रा, तृणमूल सांसद
अनुपातिक तौर पर महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट देने की बात करें तो सोलहवीं और सत्रहवीं लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस ने सबसे ज्यादा महिलाओं को टिकट दिए और इस पार्टी से सबसे ज्यादा महिलाएं चुनाव जीतकर भी पहुंची हैं। इस बार तृणमूल कांग्रेस की कुल 22 सांसदों में से 9 महिलाएं हैं। यानी इस पार्टी में महिला सांसदों की संख्या 33 फीसदी से ज्यादा है। पिछली लोकसभा में भी उनका अनुपात अच्छा था। पिछली बार तृणमूल कांग्रेस की 38 सांसदों में से 13 सांसद महिलाएं थी। यह करीब 30 फीसदी साझेदारी थी। पर बाकी दल महिलाओं को अब भी कम टिकट देते हैं। 

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